नामर्द आदमी की पहचान :- इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक ऐसी समस्या है जिसमें पुरुषों को शारीरिक संबंध बनाने में दिक्कत आती हैं। दरसल इस समस्या में व्यक्ति के लिए इरेक्शन बनाए रखना पॉसिबल नहीं होता हैं। इरेक्शन अचानक खो देना और न होना ही इरेक्टाइल डिसफंक्शन के प्रमुख लक्षण हैं। नामर्दगी की समस्या जन्मजात भी होती हैं। हालांकि बचपन में इस समस्या की पहचान करना मुमकिन नहीं होता हैं। यह समस्या युवावस्था में दिखाई देना शुरू हो जाता हैं। नामर्द आदमी की पहचान करने के लिए शारीरिक संबंध बनाने की जरूरत नहीं हैं। संबंध बनाए जाने के दौरान दिखाई देने वाले के लक्षणों के आधार पर नामर्द आदमी की सही पहचान की जा सकती हैं। हालांकि पहचान करने के अन्य कई तरीके भी हैं जिसकी जानकारी इस पोस्ट में देने जा रही हूं। तो आइए जानते है की नामर्द आदमी की पहचान क्या होती है …

नामर्द आदमी शादी बहुत ज्यादा कतराते है अगर परिवार के दबाव में शादी हो भी जाती है तो एक समय के बाद तलाक की सम्भावना बढ़ जाती हैं। शारिरीक संबंध वैवाहिक जीवन की नीव हैं। चाहे वंश को आगे बढ़ाना हो या रिश्ते को स्ट्रोंग करना हो समय-समय पर शारीरिक संबंध बनाते रहना आवश्यक हैं। शादी करने का मुख्य उद्देश्य वंश को आगे बढ़ाना है। लेकिन अगर पुरुष नामर्द है तो वंश को आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल हो जाता हैं। आइए जानते है की नामर्द आदमी की पहचान क्या हैं।
नामर्द आदमी की 7 पहचान
पहले के जमाने में अधिकत्तर शादियां अरेंज ही होती थी। लेकिन अब सबसे पहले कपल्स एक दुसरे को जानने के लिए महीनों तक फोन पर बातें करते हैं। पेरेंट्स भी अपनी बेटी की शादी करने से पहले लड़के के आस-पड़ोस वालों से खूब पूछ ताछ करते हैं। ताकि अगर लड़के में किसी तरह की समस्या है तो शादी से पहले पता चल सकें। अक्सर लड़कियां शादी से पहले कुछ चीजों को कन्फर्म करना चाहती है ताकि बाद में चलकर कोई समस्या न हो। हाल के दिनों में गूगल कुछ सवाल जैसे :- नामर्द आदमी की पहचान क्या हैं ? , नामर्द आदमी की पहचान कैसे करें , नामर्द की पहचान क्या है? और कैसे पता चलेगा कि कोई आदमी नपुंसक है? ” आदि खूब सर्च किए जा रहे हैं।

इसकी एक बड़ी वजह शादी के बाद इस समस्या का पता चलना हैं। शादी के बाद इस समस्या का पता चलने के बाद इलाज ही एक मात्र उपाय शेष बच जाता हैं। आपने एक कहावत तो सुनी ही होगी नजर हटी दुर्घटना घटी। इसलिए आपके लिए जानना बहुत ही जरुरी है की नामर्द आदमी की पहचान क्या होती है।
चाहे लड़का कितना ही स्मार्ट और हैण्डसम क्यों न हो अगर नपुंसकता से पीड़ित है तो वंश को आगे ले जाना बहुत मुश्किल हो सकता हैं। हालांकि आज के समय में इस समस्या का इलाज बहुत हद तक संभव हैं। फिर भी इस मामले में कोई भी इन्सान रिस्क लेना पसंद नहीं करता हैं। नामर्द आदमी की पहचान निम्नलिखित 7 तरीकों से की जा सकती हैं।
लड़कियों या महिलाओं से दुरी बना लेना
हर किसी को अपने अपोजिट जेंडर के प्रति तो आकर्षण होता ही हैं। अगर आकर्षण नहीं होगा तो शारीरिक संबंध स्थापित करना नामुमकिन हो जाएगा। आकर्षण ही पार्टनर के प्रति आपकी उत्तेजना को बढाता हैं। अगर कोई पुरुष, स्त्री को देखते ही घबराहट महसूस कर रहा है या पास जाने से डर रहा है तो संभव है की उसमें कोई न कोई कमी हैं। अपनी पत्नी या अपनी गर्लफ्रेंड को छूने से पुरुष का घबराना या दूर भागना इस बात के संकेत है की आदमी नामर्द हैं। हालांकि अगर यह कभी-कभार होता है तो यह किसी तरह के मानसिक तनाव या बीमारी की वजह से भी पॉसिबल हैं। लेकिन अगर पुरुष हर रोज ऐसा कर रहा है तो इसके पीछे की वजह यही हो सकती हैं।
आमतौर पुरुष जिस महिला को पसंद करता है उससे किसी भी स्थिति में शारीरिक दुरी नहीं बनाता हैं। टेंशन में होने पर भी पत्नी/ गर्लफ्रेंड से सारी बातें शेयर करता हैं। ऐसा करने से तनाव से लड़ने में मदद मिलती हैं। लेकिन जिन पुरुषों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन या कोई आंतरिक समस्या होती है वे अक्सर स्त्रियों से दुरी बना लेते हैं। वे ऐसा इसलिए करते है ताकि उनका यह रहस्य खुल न जाए। हालांकि इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज संभव हैं। अगर किसी पुरुष को ऐसी समस्या है तो उन्हें जल्द से जल्द इलाज करवाना शुरू कर देना चाहिए। ज्यादा उम्र इलाज की प्रक्रिया को जटिल कर सकता हैं।
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सन्यासी बनने की राह पर चलना
जैसा की मैंने आपको बताया है की नामर्द आदमी की पहचान करने के लिए उस व्यक्ति के सोने की आवश्यकता नहीं हैं। आप उसके व्यवहार, चाल चलन और बोलने के तरीके से उसकी पहचान कर सकते हैं। इश्वर की पूजा तो सभी करते है लेकिन उसके साथ ही अपना कर्तव्य भी निभाते हैं। धर्म ग्रंथों में भी गृहस्थ आश्रम को ही श्रेष्ट माना गया हैं। अर्थात जो व्यक्ति कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए भगवान में मन लगाता है उस पर भगवान भी अति प्रसन्न रहते हैं। घर-संसार का त्याग करना बड़ा ही आसान कार्य हैं। क्योकि इस तरह आप अपनी जिम्मेदारियों से बच निकलते हैं। लेकिन जो व्यक्ति जिम्मेदारियों के साथ-साथ धर्म कार्यों में लीन रहता है उसका सदैव कल्याण ही होता हैं। ज्यादात्तर पुरुषों का सपना अच्छी लाइफ और वाइफ का होता हैं।
अगर किसी पुरुष का स्त्रियों के प्रति कोई आकर्षण नहीं है और हमेशा ही सन्यास धारण करने विषय में बात कर रहा है तो यह संकेत है की उसमें कोई बड़ी कमी हैं। जब कोई व्यक्ति बाप नहीं बन सकता तो यह मान लेता है की उसका जन्म भगवान की भक्ति के लिए हुआ हैं। यही वजह है वह हमेशा सन्यासी बनने के विषय में सोचता हैं।
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शादी की बात होने पर गुस्सा करना
एक उम्र के बाद माता-पिता और घरवाले अपनी संतान की शादी के विषय में सोचने लगते हैं। शुरुवात में ज्यादात्तर लड़के माता-पिता के सामने शादी करने से या तो मना करते है या फिर शरमाते हैं। लेकिन जब लड़कों की उम्र 27-28 के पार चली जाती है तो शादी के नाम पर शरमा जरुर सकते है लेकिन मना कभी नहीं करते हैं। अगर कोई लड़का शादी की उम्र पार करने के बावजूद इंटरेस्ट न ले तो संभव है की उसका लड़कियों में इंटरेस्ट नहीं हैं। लड़कियों में इंटरेस्ट न लेने की कई वजहें हो सकती है जैसे :- नपुंसकता और समलैंगिक होना आदि।
नामर्द आदमी शादी के नाम पर उदास हो जाते हैं। वही कुछ लोग तो शारीरिकी कमजोरी की वजह से गुस्सा भी जाहिर करते हैं। अगर किसी लड़के की इंगेजमेंट किसी लड़की के साथ हुई है और वह लड़का रोमांटिक बातें करने से हर वक्त बचने की कोशिश कर रहा है तो सावधान रहने की जरूरत है। दरसल हाल में एक खबर सबको हैरान कर दिया था। एक लड़के ने शारीरिक कमजोरी होने के बावजूद एक लड़की से शादी कर ली। लड़की को शादी के सुहागरात के दिन उसकी असलियत पता चली। जिसके बाद तलाक लेने की नौबत आ गयी।
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किसी भी स्थिति में खड़ा न होना
लड़कियों की अपेक्षा लड़के जल्दी शारीरिक संबंध बनाने को लेकर जल्दी उत्तेजित होते हैं। बेड पर जाने के बाद अपने पार्टनर को उत्तेजित अवस्था में देखने के बावजूद भी अगर पुरुष का पार्ट खड़ा नहीं हो रहा है या खड़ा होकर तुरंत बैठ जाता है या फिर तनाव न के बी बराबर आता है तो यह नामर्द आदमी की ही पहचान है। मर्दों की इस शारिरीक अवस्था को ही इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता हैं। ज्यादा उम्र होने पर इरेक्टाइल डिसफंक्शन का होना आम बात हैं। लेकिन कम उम्र में जब यह समस्या होती है तो शादी-शुदा लाइफ बुरी तरह प्रभावित होती हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन में व्यक्ति का पार्ट टाइट नहीं हो पाता और अगर होता भी है तो जल्दी तनाव खत्म हो जाता हैं।
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शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बावजूद बाप न बन पाना
शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बावजूद बाप न बन पाना नामर्द आदमी की सबसे बड़ी पहचान हैं। हालांकि यह आवश्यक नहीं की समस्या सिर्फ पुरुष में ही हो। खराब लाइफस्टाइल और खराब खान-पान के अलावे नशीली चीजों के सेवन पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन और शुक्राणुओं का न बनना जैसी समस्याएं आज के समय में बढती जा रही हैं। इन समस्यायों का इलाज अगर सही समय पर न किया जाए तो यह नपुंसकता को जन्म दे सकती हैं।
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पार्टनर के करीब आने पर घबराहट होना
भला ऐसा कौन सा व्यक्ति होगा जो अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक होने से डरे। एक उम्र के बाद रोमांस की इच्छा जरुर कम हो जाती है लेकिन करीब आने या शारीरिक सम्पर्क से बिल्कुल घबराहट नहीं होती हैं। अगर आपका पार्टनर आपको छूने से भी डरता और घबराता है तो यह संभवत: नपुंसकता की वजह से हो सकती हैं। जब किसी पुरुष को यह समस्या होती है तो वह लड़कियों या महिलाओं से दुरी बनाना शुरू कर देता हैं।
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प्राइवेट पार्ट का अविकसित होना
नपुंसकता जन्मजात समस्या भी हो सकती हैं। जी हां, प्राइवेट पार्ट का अविकसित होना भी नपुंसकता ही हैं। इस स्थिति में पुरुष के बाप बनने की सम्भावना बेहद कम होती हैं। दरसल इस स्थिति में पुरुष का अंग सामान्य से बेहद छोटा होता हैं। पार्ट का छोटा होना कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन अगर वह सही से कार्य नहीं कर रहा है तो संभव है की व्यक्ति कभी बाप न बन पाएं। अगर पुरुष का पार्ट छोटा है तो उनके मन में ये बात घर कर जाती है की उसकी महिला पार्टनर कैसे रियेक्ट करेगी। इस समस्या को छुपाने के लिए अक्सर पुरुष स्त्रियों से कटकर रहने की कोशिश करते हैं।
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निष्कर्ष
आज की इस पोस्ट में आपके कुछ सवालों जैसे :- नामर्द आदमी की पहचान क्या होती है, नामर्द आदमी की पहचान कैसे करें, नामर्द की पहचान क्या है?, कैसे पता चलेगा कि कोई आदमी नपुंसक है? आदि के जवाब विस्तारपूर्वक दिए गए हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज दवाओं के माध्यम से पॉसिबल हैं। हालांकि की कुछ मामलों में इलाज मुश्किल हो सकता हैं। दरसल कुछ गंभीर मामलों में सर्जरी करने की भी आवश्यकता हो सकती हैं। प्राइवेट पार्ट में रक्त का खराब प्रवाह, तंत्रिका संबंधी विकार और अवसाद रोधी दवाएं भी इस समस्या का कारण बन सकती हैं। इसलिए सबसे पहले समस्या की जड़ को नष्ट करना जरुरी होता हैं।
आज की यह खास जानकारी ” नामर्द आदमी की पहचान कैसे करें ” आपको निश्चित ही पसंद आयी होगी। दुनियां में ऐसा कोई नहीं जो नपुंसक होना चाहे। अगर आप इस समस्या से पीड़ित है तो डॉक्टर से मिलकर इलाज जरुर करवाएं।
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