पीला भोजन कैसे बनाएं – गुरुवार व्रत के नियम

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पीला भोजन कैसे बनाएं : गुरुवार का व्रत करने वाले लोग अक्सर ही यह सवाल करते हैं की पीला भोजन कैसे बनाएं। अगर आप भी गुरुवार व्रत करते हैं और अपने भोजन को पीला करना या बनाना चाहते हैं तो आज की यह पोस्ट खास आपके लिए हैं। दोस्तों जैसा की आप जानते हैं की सनातन धर्म में कई प्रकार के व्रत और त्यौहार मनाएं जाते हैं। ऐसे में हर व्रत के कुछ अलग नियम होते हैं जिन्हें फॉलो करना बहुत जरुरी होता हैं। गुरुवार का व्रत भी इन्ही व्रत में से एक हैं इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती हैं और माना जाता हैं की इस व्रत को करने से कुंडली दोष के साथ -साथ कई तरह के दोष नष्ट हो जाते हैं।

पीला भोजन कैसे बनाएं - गुरुवार व्रत के नियम
पीला भोजन कैसे बनाएं – गुरुवार व्रत के नियम

इस व्रत को करने से हर मनोकामना पूर्ण होती हैं बशर्ते आपके मन में किसी प्रकार का द्वेष, घृणा आदि का भाव न हो। इस दिन पीले कलर का भोजन बनाने का नियम हैं। और यहीं कारण हैं की लोग अक्सर यह सर्च करते हैं की पीला भोजन कैसे बनाएं ।

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गुरुवार का व्रत क्या हैं ?

यह व्रत भगवान विष्णु जी और देव गुरु वृहस्पति को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। इस व्रत को करने से कुंडली का दोष समाप्त होता हैं। शादी में रुकावट जैसी समस्याएं दूर होती हैं। दरसल जब कुंडली में वृहस्पति गृह भारी होता हैं तो पंडित जी इस व्रत को करने की सलाह देते हैं। इस व्रत को सफल करने के लिए व्रत के सभी नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता हैं।

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गुरुवार का व्रत कैसे करें

जैसा की नाम से पता चलता हैं की यह व्रत गुरुवार अर्थात थर्सडे के दिन किया जाने वाला व्रत हैं। इस व्रत को शुरू करने के लिए सुबह-सुबह स्नान आवश्यक हैं। साथ ही स्नान के पानी में आधे चम्मच हल्दी को जरुर मिलाएं। गुरुवार का व्रत में आपको पीले कपड़े धारण करना चाहिए और पीले रंग का चंदन करना चाहिए। इस व्रत को करने के लिए आप एक केले के पेड़ का रोपण करें। दरसल इस व्रत में मुख्यतः केले के पेड़ की ही पूजा की जाती हैं। केले के पेड़ के पास चने की दाल और हल्दी चढ़ाना शुभ माना जाता हैं। उसके बाद पेड़ के समीप भूमि पर बैठ जाएँ और गुरुवार व्रत की किताब हाथ में लेकर कथा को पढ़ें।

ध्यान रखें की इस व्रत में सिर्फ पीले रंग की ही चीजे बनायीं और खायी जाती हैं। व्रत केक दिन 24 घंटे में सिर्फ एक बार ही भोजन का सेवन किया जाता है। जी हाँ इस दिन सिर्फ रात के समय ही भोजन करें।

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गुरुवार के व्रत में दूध पीना चाहिए या नहीं ( पीला भोजन कैसे बनाएं )

जी हाँ आप व्रत के दिन दूध का सेवन कार सकते हैं। लेकिन दूध भी पीले रंग का होना चाहिए। इसलिए 1 गिलास दूध में कम से कम थोड़ी से हल्दी मिला ले ताकि दूध पिला हो जाएँ। उसके बाद आप दूध पी सकते हैं।

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पीला भोजन कैसे बनाएं

दोस्तों जैसा की मैंने आपको बताया की व्रत के दिन सिर पीले रंग का ही भोजन करने का नियम हैं ऐसे में आपको पीले रंग का ही भोजन बनाना चाहिए। पीले रंग का भोजन बनाने के लिए आप हल्दी का प्रयोग कर सकते हैं। आप खाने में हलवा, खीर, आदि बना सकते हैं। इन दोनों में आप थोड़ी हल्दी जरुर डालें ताकि भोजन पीला हो जाएँ। इसके अलावे आप पीले फल जैसे आम का सेवन भी कर सकते हैं। आप चाहे तो पीले आम को भी किसी खाद्य पदार्थ में मिलाकर भोजन ग्रहण कार सकते हैं। मुझे यकीन है की पीला भोजन कैसे बनाएं इस सवाल का जवाब आपको मिल गया होगा।

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गुरुवार का व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए।

दोस्तों गुरुवार के व्रत में आटा, प्याज, लहसुन, साधारण नमक, मैदा आदि से बने खाद्य पदार्थ नहीं खाने चाहिए। साथ इस व्रत के सभी नियमों का पालन करना चाहिए और किसी भी प्रकार के नशे से बचना चाहिए।

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गुरुवार का व्रत कब तक करना चाहिए

दोस्तों अगर आप गुरुवार का व्रत शुरू करते हैं तो कम से कम 16 दिन तक इस व्रत को अवश्य करें। इस व्रत में गुरुवार के दिन भूल से भी खिचड़ी नहीं बनाना चाहिए। साथ ही इस दिन केला का सेवन नहीं करें। पूजा करते वक़्त पीले रंग के फुल का ही चयन करें। गुरुवार के व्रत में लाल रंग के फुल नहीं चढाने चाहिए। जब आप 16 गुरुवार व्रत कार लेंगे तो 17वे दिन इसका समापन कार सकते हैं।

दोस्तों इस पोस्ट में मैंने आपको गुरुवार के व्रत में दूध पीना चाहिए या नहीं, पीला भोजन कैसे बनाएं, गुरुवार का व्रत कैसे करें आदि सवालों के जवाब दियें हैं। अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर जरुर करें।

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