स्त्री को कब नहाना चाहिए / सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए

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स्त्री को कब नहाना चाहिए / सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए – हिन्दू शास्त्रों में नहाने से लेकर हर कार्य करने के तरीके और नियमों के बारें में बताया गया हैं। चाहे पुरुष हो या स्त्री हर किसी को उन चीजों और नियमों को ध्यान में रखना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया हैं की जो भी व्यक्ति नियमों के साथ चलते हैं वे अपनी जिंदगी औरों की तुलना में अच्छे से जीते हैं। इसी तरह नहाने को लेकर भी कुछ नियम हैं। आज हम बात करने वाले हैं की स्त्री को कब नहाना चाहिए और सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए ?

स्त्री को कब नहाना चाहिए
स्त्री को कब नहाना चाहिए / सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए

दोस्तों कहते हैं न एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ आत्मा का वास होता हैं। जब शरीर स्वस्थ रहता हैं तो हमारा दिमाग अधिक कार्य करता हैं। हम किसी भी कार्य को उचित तरीके से कर पाते हैं। परन्तु जब कोई व्यक्ति बीमार होता हैं तो वह न तो खुद के लिए कुछ सोच सकता हैं और न ही औरों के लिए।  अत: शरीर को स्वस्थ रखना बेहद जरुरी हैं।

हिन्दू धर्म के अनुसार, घर की स्त्रियों को लक्ष्मी का दर्जा प्राप्त हैं। जब कोई स्त्री शादी करके ससुराल जाती हैं तो उसे लक्ष्मी कहा जाता हैं। स्त्री ही नहीं बल्कि हर किसी को नहाने के नियमों का पालन करना चाहिए। आज की यह पोस्ट स्त्री के नहाने के नियमों के बारें में हैं। अत: आइए आपको विस्तारपूर्वक बताते हैं की स्त्री को कब नहाना चाहिए और किस दिशा में नहाना चाहिए ताकि घर में किसी तरह की परेशानी का आगमन न हो।

स्त्री को कब नहाना चाहिए

शास्त्रों के अनुसार, सूर्योदय के पहले स्नान करना लाभकारी बताया गया हैं। दोस्तों घर की लगभग जिम्मेदारियां स्त्री के ही कंधों पर होती हैं। खाना बनाने से लेकर बच्चे, पति, माता-पिता सभी की देखभाल भी स्त्री करती हैं। आज के समय में स्त्रियाँ पुरुषों से किसी भी मामलें में कम नहीं हैं। स्त्रियाँ घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ जॉब करती हैं। ऐसे में महिलाओं का स्वस्थ रहना भी बेहद जरुरी हैं। शास्त्रों में वर्णित चीजें विज्ञान की कसौटी पर भी खड़ी उतरती हैं। सुबह-सुबह स्नान करना मानसिक और शरीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता हैं। प्रतिदिन सुबह स्नान करने से अद्भुत शांति महसूस होती हैं।

स्कंद पुराण के अनुसार, सुबह स्नान करने से चेहरे के तेज में वृद्धि होती हैं। मन में उत्पन्न हो रहे गलत विचारों का नाश होता हैं। इसके अलावे आलस नहीं आता हैं जिससे आप दुसरे कार्यों को बीना परेशानी कर पाते हैं। शास्त्रों में 2 प्रकार के स्नान का विशेष उल्लेख हैं एक हैं मुनि स्नान और दूसरा मानव स्नान। मुनि स्नान सुबह 4 बजे के स्नान को कहते हैं। मानव स्नान 6 से 7 बजे के स्नान को कहते हैं। मुनि स्नान हर किसी के लिए संभव नहीं हैं। अत: मानव स्नान जरुर करें। शास्त्र कहते हैं की जो लोग 6 से 7 बजे के बीच स्नान करते हैं उनमें सकारात्मक उर्जा का उदय होता हैं। ऐसे स्नान से घर में लड़ाई झगड़े नहीं होते हैं और आर्थिक लाभ मिलने की सम्भावना प्रबल होती हैं। मुनि स्नान को सबसे बेस्ट बताया गया हैं। मुनि स्नान के शरीर रोगों से मुक्त रहता हैं। घर से नकारात्मकता दूर होती हैं।

सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए

सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए
सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए

हिन्दू धर्म में सुहागन स्त्री को बाल धोने के सही वक्त के बारें में बताया गया हैं। शुक्रवार के दिन सुहागन स्त्री का बाल धोना सबसे मंगलकारी माना जाता हैं। इस दिन बाल धोने से घर आर्थिक की समस्या दूर होती हैं। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए और घर में सुख समृद्धि के लिए इस दिन स्नान करना सबसे शुभ दिन माना जाता हैं।

किस दिशा में नहाना चाहिए

पूर्व दिशा की और मुख कर नहाने से नकारात्मकता दूर होती हैं। घर के बाथरूम में आप जब भी स्नान करें पूर्व दिशा की और मुख करके ही स्नान करें। इस दिशा की और मुख करके स्नान करने से घर में सकारात्मक एनेर्जी आती हैं।

नहाने के बाद क्या नहीं करना चाहिए

नहाने के तुरंत बाद कुछ कार्य करने की मनाही हैं। शास्त्रों के अनुसार नहाने के बाद पूजा से पहले रसोई घर के किसी भी कार्य को नहीं करना चाहिए। नहाने के बाद सबसे पहने पूजा करनी चाहिए। कुछ लोग नहाने के बाद पूजा स्थल को साफ़ करते हैं। लेकिन यह कार्य नहाने से पहले करना उचित हैं। नहाने से पहले पूजा के बर्तन आदि को साफ़ करें।

निष्कर्ष

स्त्री को कब नहाना चाहिए / सुहागन स्त्री को बाल कब धोना चाहिए इसकी पूरी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से मैंने आपको दी हैं। मुझे उम्मीद हैं आपको यह जानकारी बेहद अच्छी लगी होगी। इस पोस्ट के माध्यम से मैंने आपको बताया हैं की स्नान का एक उचित समय होता हैं। उचित समय में स्नान करने से शरीर के साथ-साथ आत्मा भी स्वस्थ रहती हैं। सुबह-सुबह स्नान करने से लक्ष्मी जी की कृपा हमेशा बनी रहती हैं। घर में सुख शांति और समृद्धि के लिए सुबह 6 से 7 बजे के बीच स्नान करने शुभ हैं।

मुझे आशा हैं की स्त्री को कब नहाना चाहिए की यह जानकारी आपको बहुत पसंद आई होगी। इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें। सुंदरता ब्लॉग पर आपको ब्यूटी एंड हेल्थ के साथ-साथ धर्म और रिलेशनशिप से जुडी कई महत्वपूर्ण जानकारियां आपको मिलती हैं।

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