लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं? – मल में कीड़े आना

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लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं?मल में कीड़े आना – दोस्तों कई लोगों के मल में कीड़े देखने को मिलते हैं। लैट्रिन में कीड़े आने पर व्यक्ति डर -सा जाता हैं। कम उम्र में लैट्रिन में कीड़ा देखना बेहद आम हैं। जी हाँ, बच्चे अक्सर गंदगी में खेलते रहते हैं और कोई भी गन्दी चीजें मुंह में रख लेते हैं। यही कारण हैं की बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती हैं। हालाँकि यह समस्या बड़ों में भी होती हैं। आज की इस खास पोस्ट में मैं आपको लैट्रिन में कीड़े या मल में कीड़े से जुड़ी हुई सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने जा रही हूँ। आइए विस्तार से जानते हैं की लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं? और इसका उपचार क्या हैं। साथ ही लैट्रिन में सफेद कीड़े आना क्या हैं इसकी भी जानकारी दूंगी।

लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं?
लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं?

मल में कीड़े आना, मुख्यत: गंदे पानी, दूषित भोजन और कच्चे मांस या कम पकाएं गए खाद्य पदार्थों के सेवन की वजह से होता हैं। मल में या लैट्रिन में कीड़े को परजीवी कहते हैं। यह कीड़े लैट्रिन करते वक्त मल में दिखाई देते हैं। सफ़ेद रंग के कीड़े को पिनवार्म कहा जाता हैं। यह कीड़े साइज़ में लम्बे होते हैं। ऐसे कीड़े दिखाई देने पर पेरेंट्स डर जाते हैं। ऐसे ज्यादात्तर बच्चों के लैट्रिन में ही दिखाई देते हैं। इसका इलाज सही समय पर बेहद आवश्यक होता हैं। दरसल समय पर इलाज न होने की वजह से बच्चों को या बड़ों को कई तरह की अन्य समस्यायों का सामना करना पड़ सकता हैं। जी हाँ, इन कीड़ों के आँतों में ज्यादा बढ़ने से पेशाब में जलन की समस्या उत्पन्न हो जाती हैं। नीचे बताया गया हैं की लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं? इसका मुख्य कारण क्या हैं।

मल में कीड़े आना – लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं?

दोस्तों लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं? इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गयी हैं। निम्नलिखित कारणों से मल में कीड़े का आना संभव हैं:-

  • दूषित और गंदे भोजन के सेवन से
  • दूषित पानी के सेवन से
  • मिट्टी खाने से
  • साफ़-सफाई के अभाव के कारण

लैट्रिन में सफेद कीड़े आना क्या हैं

लैट्रिन में सफेद कीड़े को पिनवार्म कहते हैं। यह देखने में सांप की तरह होता हैं लेकिन बिल्कुल पतले,लम्बे और बड़े हो सकते हैं। इस यह परजीवी आपकी आंतों को संक्रमित करता हैं जिसकी वजह से शरीर कमजोर हो सकता हैं। इलाज के अभाव में यह समस्या भीषण रूप ले सकती हैं। सही समय पर इलाज नहीं होने से लगातार उल्टी, पेट में दर्द, पेशाब में जलन, मल द्वार में खुजली जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती हैं।

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मल में सफेद कीड़े की दवा

मल में सफ़ेद कीड़े होने पर कुछ घरेलु उपाय बेहद कारगर माने जाते हैं। आप इन उपायों से कीड़ों को आसानी से नष्ट कर सकते हैं। नीचे मल में सफेद कीड़े की दवा बनाने का तरीका बताया गया हैं। हालाँकि अगर आपको कीड़ों की वजह से ज्यादा परेशानी हैं तो डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करना चाहिए। दरसल कई बार ज्यादा उल्टी और पेट दर्द की समस्या होने लगती हैं ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बेहद आवश्यक हो जाता हैं।

मल में सफेद कीड़े की दवा बनाने के लिए लहसुन का इस्तेमाल सबसे फायदेमंद हैं। जी हाँ, यह एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल होता हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए लहसुन की 4 कलियों को अच्छी तरह छिल लेना हैं। उसके बाद इसे मिक्सी में हल्का पानी डालकर पीस लेना हैं। अब इस पेस्ट को गुप्तांग पर लगाकर 10 से 20 मिनट तक छोड़ दें। इस प्रक्रिया को दिन में २ बार जरुर करें।

दूसरा सबसे बेहतरीन उपाय हैं नीम का पेस्ट। यह उपाय बड़ों के लिए हैं। अगर आप नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर दिन में २ बार पियेंगे तो आपको इन कीड़ों से हमेशा के लिए निजात मिल जायेगा।

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लैट्रिन में चिपचिपा पदार्थ निकलना क्या हैं

लैट्रिन में चिपचिपा पदार्थ का निकलना कई तरह की समस्यायों के लक्षण हो सकते हैं। यह समस्या क्रोन डिजीज, आंत में बैक्टीरियल इन्फेक्शन, बवासीर, परजीवी संक्रमण, गुदा कैंसर, इरीटेबल बाउल सिंड्रोम आदि रोगों के कारण हो सकता हैं। हालाँकि यह सामान्य कारणों से भी हो सकता हैं। यह समस्या अक्सर खराब पाचन शक्ति की वजह से भी होता हैं। दरसल जब आप कोई खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं और उसका पाचन सही तरीके से नहीं हो पता हैं तो वसा मल के माध्यम से बाहर आने लगता हैं। अगर यह समस्या 1 या दो दिनों से हैं तो घबराने की जरूरत नहीं हैं। परन्तु यह समस्या महीनों से हैं तो यह किसी गंभीर समस्या के लक्ष्ण हो सकते हैं। अत: इस स्थिति में डॉक्टर से मिलकर उचित सलाह लें।

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लैट्रिन में खून क्यों आता है इसका क्या कारण हैं

दोस्तों लैट्रिन में खून सामान्य कारणों के अलावे कुछ गंभीर बीमारियों की वजह से भी आ सकता हैं। यह समस्या कब्ज, मल द्वार के पास नसों में सुजन, बवासीर फिशर रोग आदि के कारण आती हैं। ज्यादा समय तक कब्ज रहना भी बवासीर जैसी समस्या का कारण बन सकती हैं। अगर आपको कई दिनों से ब्लीडिंग हो रही हैं तो सावधान हो जाइये क्योकिं यह बवासीर के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में कब्ज बनाने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। बवासीर बेहद खराब बीमारी हैं जिसका इलाज शुरुवाती अवस्था में ही संभव हैं।

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खाना खाने के बाद तुरंत लैट्रिन क्यों लगती है

खाना खाने के बाद तुरंत लैट्रिन क्यों लगती है
खाना खाने के बाद तुरंत लैट्रिन क्यों लगती है

कई लोग खाना खाते हैं और तुरंत ही लैट्रिन चले जाते हैं। दरसल यह समस्या गैस्ट्रोकॉलिक रिफलेक्स की वजह से उत्पन्न होती हैं। गैस्ट्रोकॉलिक रिफलेक्स होने पर कोलोनिक संकुचन कारण बनता हैं। जैसे ही व्यक्ति भोजन करता हैं तब संकुचन की वजह से पुराने भोजन मल द्वार की तरफ नीचे जाते हैं। यह समस्या गलत खान-पान की वजह से ज्यादा देखा जाता हैं। शराब, सिगरेट, तंबाकू, मसालेदार खाना और कुछ रोग जैसे इरीटेबल बाउल सिंड्रोम आदि गैस्ट्रोकॉलिक रिफलेक्स को बढ़ावा देते हैं।

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निष्कर्ष

लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं?मल में कीड़े आना क्या हैं और किन कारणों से होता हैं इसकी पूरी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से दी गयी हैं। लैट्रिन में कीड़े की समस्या मुख्यत: आंत में मौजूद कीड़े की वजह से होता हैं। आँतों को कई तरह के कीड़े प्रभावित कर सकते हैं। राउंडवर्म, पीनवार्म जैसे कीड़े बेहद आम हैं। इन कीड़ों की वजह से व्यक्ति का वजन कम होने लगता हैं और पेशन इ जुडी कई समस्याएं जन्म ले लेती हैं।

मुझे उम्मीद हैं आपको लैट्रिन में कीड़े क्यों आते हैं? मल में कीड़े आना क्या इसकी जानकारी बेहद अच्छी लगी होगी। इस जानकारी को अपने दोस्तों के बीच शेयर जरुर करें।

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