चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं

Spread the love

चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं : आज हम बात करेगें चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं के बारे में। चिकन पॉक्स भारत में होने वाली एक बिमारी है जो किसी को भी हो सकती है लेकिन खासतौर पर बच्चे इस बीमारी का शिकार ज्यादा होते है। तो चलिए जानते है चिकन पॉक्स के बारे में।

चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं
चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं

दोस्तो चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं यह जानने से पहले आपको चिकन पॉक्स को समझना चाहिए ताकि आप दुध से जुड़ी चिकन पॉक्स के बारे में सही जानकारी हासिल कर पाए।

चिकन पॉक्स क्या है ?

दोस्तो चिकन पॉक्स एक बिमारी है जो बच्चो में तेजी से फैलती है। यह एक वायरस के कारण होती है। चिकन पॉक्स को दूसरे शब्दों में छोटी माता, या छोटी चेचक भी कहा जाता है। चिकन पॉक्स की बीमारी वेरिसेला जोस्टर नाम के एक वायरस के कारण होती है।

यह वायरस हवा के जरिए फैलता है और ठंडी के मौसम में ज्यादा सक्रिय पाया जाता है। वे लोग जिनकी स्कीन ज्यादा सेंसिटिव होती है। उनको चिकन पॉक्स जल्दी होने की संभावना होती है। बचपन में तो आमतौर पर अधिकतर लोग इस बिमारी का शिकार हो ही जाते है। खासकर ग्रामीण इलाको में।

इसके फैलने का एक दूसरा कारण यह भी होता है की जब एक मां बच्चे को अचानक दूध पिलाना बंद करके उन्हे खाद्य पदार्थ खिलाती है तो उन्हे यह बीमारी हो जाती है।

लेकिन आजकल बच्चो को चिकन पॉक्स के टीके लगाए जाते है। इसलिए यह बिमारी होने की संभावना नहीं होती है। लेकीन कई लोगो को यह बिमारी टीका लगने के बाद भी हो जाती है।

Also, Read हिचकी क्यों आती है – हिचकी रोकने के घरेलु उपाय

चिकन पॉक्स के लक्षण क्या है

जब किसी को चिकन पॉक्स होता है तो सबसे पहला चरण बुखार का होता है। जब बुखार एक या दिन तक रहता है तो अचानक शरीर पर छोटे- छोटे लाल दाने निकल आते है। जो बाद फफोले बन जाते है, जिनमे एक पतला तरल पदार्थ होता है। यह दिखने में ऐसा लगता है जैसे पानी। लेकिन यह शरीर पर जहा भी लगता है वही दूसरा फफोला होने लगता है।
ये फफोले अधिकतर चेहरे, सिर, पैर, पेट और हाथो पर होते है। जब चिकन पॉक्स अपने चरम सीमा पर आता है तो पूरे शरीर पर लाल दाने निकल आते है। चिकन पॉक्स के इन दानों में बहुत ज्यादा खुजली होती है। लेकीन आपको ऐसा करने से बचना चाहिए l

जब चिकन पॉक्स किसी को होता है तो उस रोगी का जी मचलता है, भूख लगना बंद हो जाती है और शरीर में कमजोरी आने लगती है।

अब हम चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं के बारे में जानते है:

चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं इसके बारे में लोगो की अलग अलग अवधारणा है। कुछ लोग और डॉक्टर इस बात में विश्वास करते है की चिकन पॉक्स होने पर दूध नहीं पीना चाहिए। वही दूसरी तरफ कुछ अन्य डॉक्टर यह भी कहते है की चिकन पॉक्स में दूध पीने से कोई नुकसान नहीं होता है। ऐसे में इस मामले में सबकी अलग अलग धारणा है।

चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं

लेकिन अगर हम बात कर चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं की तो दूध में ऐसे कई पोषक तत्व होते है जो मरीज को ऊर्जा देते, कैलशियम देते है। मरीज चिकन पॉक्स होने पर भोजन कम ही करता है क्योंकि उसे भोजन अच्छा नहीं लगता ऐसे में दूध पीना उनके लिए एनर्जी का अच्छा सोर्स हो सकता है। लेकीन कुछ सावधानियों के साथ जो हम नीचे आपको बताऐंगे। खासकर चिकन पॉक्स बच्चो में हो तो आप उन्हें दूध पिलाए जिस से उनके शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहे। क्योंकि ठीक से भोजन न करने से शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है। ऐसे में दूध ही उनके लिए एक अच्छा सोर्स है पोषक तत्व देने का।

Also, Read Ladki kis umar me jawan hoti hai ( लड़की किस उम्र में जवान होती हैं)

चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं

चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं इस टॉपिक पर कुछ रिसर्च भी की गई लेकिन किसी भी रिपोर्ट में यह दावा नहीं हो पाया है की चिकन पॉक्स में दूध नहीं पीना चाहिए। इसलिए सब की अपने अपने शरीर और सावधानी को ध्यान में रखकर दूध पीला सकते है। चिकन पॉक्स में दूध पीने से वायरस का ज्यादा फैलने या कम होने पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि वायरस खुद की प्रतिरक्षा प्रणाली से ठिक होता है। ऐसे में वायरस का दुध से कोई लेना देना नहीं है।

Also, Read प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में दर्द क्यों होता है

चिकन पॉक्स में दूध पीने से संबंधित जानकारी

अगर चिकन पॉक्स का मरीज दूध की एलर्जी से ग्रसित है तो दूध नहीं पिलाना चाहिए l मरीज में दूध को पचाने की क्षमता है तो दूध पिला सकते है।

लेकीन दोस्तो चिकन पॉक्स की बीमारी में दूध से जुड़े खतरे भी हो सकते है कुछ मामलों में:

स्कीन पर चकते हो तो

मरीज के शरीर पर अगर चकते हो रहे है तो दूध में मौजूद कुछ विषाक्त पदार्थ इन चकतो में आ सकता है जिसके कारण संक्रमण ज्यादा हो सकता है।

आंत की प्रोब्लम

चिकन पॉक्स में मरीज का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और पाचन सकती भी ऐसे में कुछ लोगो दूध को पचा नहीं पाते और उन्हें दस्त की प्रोब्लम हो जाती है।

Also, Read प्रेगनेंसी में दूध कब आता है – जाने विस्तार से

चिकन पॉक्स में दूध से जुड़ी सावधानी ( चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं )

दूध को उबालकर पीए

कच्चे दूध से संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिये दूध पिलाए तो पहले अच्छे से उबाल लें।

तरल पदार्थ का सेवन

दूध के अलावा आप अन्य तरल पदार्थ भी ले जैसे नारियल पानी, जूस आदि

फल खिलाएं

चिकन पॉक्स में दूध के अलावा आप फलों का भी सेवन करे ताकि कमजोरी से बच सके।

दोस्तो यह थी आज की जानकारी चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए नहीं के बारे में। हम आशा करते है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी और चिकन पॉक्स के बारे में आपकी भ्रांतिया भी दूर हुई होगी। दोस्तों इस ब्लॉग को लाईक शेयर जरुर करें। इस ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद।

FAQ

Q. चिकन पॉक्स के वायरस का नाम क्या है?

Ans : वेरिसेला जोस्टर।

Q. चिकन में नहाना चाहिए या नहीं?

Ans : शुआरती 5 दिनो तक तो नहीं क्योंकि इस वक्त फफोले ज्यादा बनकर फूट रहे होते है। जिस से संक्रमण बढ़ सकता है।

Q. चिकन पॉक्स में खजली कब बंद होती है?

Ans: एक सप्ताह के पश्चात।

Also, Read लेटकर दूध पिलाने के नुकसान – जानकर हैरान हो जाएंगे।

3 thoughts on “चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं”

Leave a Comment