दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है – पूजा में कितने अगरबत्ती जलाने चाहिए जाने

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दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है – पूजा में कितने अगरबत्ती जलाने चाहिए जाने – हिन्दू धर्म के अलावे अन्य कई संस्कृतियों में अगरबत्ती का उपयोग पूजा कार्यों हेतु किया जाता हैं। भारत में अगरबत्ती का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता हैं। भारत से अगरबत्ती दुसरे देशों में भी भेजा जाता हैं। मार्किट में कई कंपनियां अलग-अलग सुगंध वाली अगरबत्तियां बनाकर बेचती हैं। हिन्दू धर्म के प्रमुख वेदों में भी अगरबत्ती का जिक्र मिलता हैं। इससे पता चलता हैं भारत में अगरबत्ती जलाने की परम्परा बहुत पुरानी हैं। पुराने समय में सिर्फ भारत में ही अगरबत्ती जलाया जाता था। समय के साथ धीरे-धीरे चीन और अन्य कई देशों में भी अगरबत्ती की मांग होने लगी।

बौद्ध धर्म में भी अगरबत्ती का उपयोग खूब किया जाने लगा। आज के समय में अधिकत्तर लोग भगवान की पूजा करने के लिए अगरबत्ती या धूपबत्ती जलाते हैं। परन्तु शास्त्रों में अगरबत्ती जलाने के कुछ नियम बताएं गए हैं जिसका पालन जरुर किया जाना चाहिए। अक्सर लोग प्रश्न करते हैं की दो या एक अगरबत्ती जलाने से क्या होता है तो आइए इसके बारें में विस्तार से जानते हैं।

दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है – पूजा में 2 अगरबत्ती जलाना शुभ है या अशुभ

दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है - पूजा में कितने अगरबत्ती जलाने चाहिए जाने
दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है – पूजा में कितने अगरबत्ती जलाने चाहिए जाने

भारत के प्रत्येक हिन्दू घरों में दिन की शुरुवात स्नान आदि से निवृत होकर पूजा कार्यों से शुरू होती हैं। पूजा में फुल, अगरबत्ती, धूपबत्ती और चंदन जैसे पवित्र चीजों का इस्तेमाल किया जाता हैं। पूजा में उपयोग में आने वाली अगरबत्ती कई सुगंधों के साथ आती हैं। अगरबत्ती से निकलने वाला धुँआ सुगंध के साथ पुरे घर में फ़ैल जाती हैं। सुगंध व्यक्ति को अद्भुत शांति देती हैं। शास्त्रों में अगरबत्ती जलने को लेकर कई नियम बनाएं गए हैं जिसके अनुसार कुछ विशेष दिनों में इसे जलाने पर मनाही हैं। पूजा में कुछ लोग एक , दो और इससे अधिक अगरबत्ती जलाते हैं। ऐसे में आपके मन में यह अक्सर सवाल उठता होगा की एक या दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है ?

पूजा में 2 अगरबत्ती जलाना शुभ माना जाता हैं। गौरी-गणेश, शिव-पार्वती, लक्ष्मी-नारायण, लक्ष्मी-गणेश आदि की पूजा एक साथ करने पर आप पूजा में 2 अगरबत्तियों को एक साथ जला सकते हैं। सनातन धर्म में 2, 3, 5, 7, 11 जैसे अंकों को बेहद पवित्र अंक माना गया हैं। अधिकत्तर लोग पूजा घर में सभी प्रमुख देवी देवताओं की मूर्ति या फोटो रखते हैं। अगर आप कुल देवी के लिए भी अगरबत्ती जलाना चाहते हैं तो 2 के जगह तीन अगरबत्तियां एक साथ जला सकते हैं। अगरबत्ती को सही तरीके और नियमों का पालन करते हुए जलाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती हैं।

एक अगरबत्ती जलाने से क्या होता है

कुछ लोग पूजा में सिर्फ एक अगरबत्ती जलाते हैं। मान्यता हैं की पूजा कार्य के लिए एक अगरबत्ती जलाना अशुभ हैं। एक अगरबत्ती जलाने से मन अशांत होता हैं। व्यक्ति खुद को अकेला महसूस करता हैं। शास्त्रों एक अनुसार, नकारात्मकता व्यक्ति की सोच को प्रभावित करती हैं। इसलिए हमेशा 2 से अधिक संख्या में अगरबत्ती जलाने की सलाह दी जाती हैं।

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3 अगरबत्ती जलाने से क्या होता है

पूजा कार्यों में शुद्धता और नियमों का विशेष महत्त्व होता हैं। पूजा कार्यों को सफल करने के लिए हर एक नियम का यथासंभव पालन करना अनिवार्य हैं। अगरबत्ती को कभी भी तोड़कर-मरोड़कर जलाना नहीं चाहिए। पूजा में उपयोग में आने वाली अगरबत्ती ज्यादात्तर बांस से निर्मित की जाती हैं। बांस का उपयोग मृत व्यक्ति को शमशान ले जाने में की जाती हैं। बांस को वह नहीं जलाया जाता हैं। इसलिए बांस की अगरबत्ती जलाना भी अशुभ माना जाता हैं। 3 अगरबत्ती त्रिदेवियों लक्ष्मी-पार्वती-सरस्वती और ब्रह्मा-विष्णु-महेश का प्रतिक माना जाता हैं। एक साथ तीन अगरबत्तियों को जलाने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं।

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5 अगरबत्ती जलाने से क्या होता है

5 अगरबत्ती जलाने से क्या होता है
5 अगरबत्ती जलाने से क्या होता है

दोस्तों, 5 अगरबत्ती का सबंध पंचमुखी महादेव और हनुमान जी से हैं। हमारा शरीर भी पंचतत्व से बना हैं। एक साथ 5 अगरबत्ती जलाने से पंचदेव प्रसन्न होते हैं। पंचदेव चार मुखों वाले ब्रह्म देव, नारायण, सूर्य, गणेश जी और महादेव को कहा जाता हैं। 5 अगरबत्ती जलाने से घर से नकारात्मकता दूर भागती हैं। व्यक्ति की सोच प्रगति पथ पर अग्रसर होती हैं। जीवन से कष्टों का इस तरह नाश होता हैं जैसे कभी कोई कष्ट थे ही नहीं। हनुमान जी कृपा भक्त पर बनी रहती हैं। कलयुग में भी हनुमान जी भक्तों की हर संभव सहायता करते हैं।

नोट – ध्यान रहे की सिर्फ अगरबत्ती से ईश्वर प्रसन्न नहीं होते हैं। ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए अच्छे कर्म और श्रद्धा भाव की जरूरत होती हैं। अगर आपके कर्म अशुद्ध हैं तो कितना भी अगरबत्ती जला लें भगवान आपसे प्रसन्न नहीं होंगे।

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निष्कर्ष

दोस्तों, इस पोस्ट में मैंने आपको बताया हैं की दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है । भगवान की भक्ति सच्चे मन और श्रद्धा भाव के साथ समस्त नियमों का पालन करते हुए करने पर उनकी कृपा भक्त पर बनी रहती हैं। अगरबत्ती जलाने से घर में लड़ाई झगड़े नहीं होते हैं। घर में सुख शांति का माहौल आजीवन बना रहता हैं। हिन्दू धर्म में पूजा कार्यों से जुड़े हर एक चीज के लिए कुछ नियम निर्धारित किये गए हैं। जिनका पालन करना सभी के लिए आवश्यक माना जाता हैं।

मुझे आशा हैं की आपको आज की यह जानकारी ” दो अगरबत्ती जलाने से क्या होता है ” बेहद अच्छी लगी होगी। इस जानकारी को सोशल मीडिया पर जरुर से जरुर शेयर करें।

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