केवल पुत्र प्राप्ति के लिए प्राचीन उपाय : गुणवान होगा संतान – गरुड़ पुराण

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केवल पुत्र प्राप्ति के लिए प्राचीन उपाय : गुणवान होगा संतान – गरुड़ पुराण – यह पोस्ट प्राचीन मान्यताओं और गरुड़ पुराण पर आधारित हैं। कई ऐसे कपल्स हैं जो शादी के कई सालों बाद भी संतान से वंचित रहते हैं। संतान सुख न मिलने के कारण व्यक्ति का मन अशांत रहता हैं। समाज में कई तरह की बातें होने लगती हैं। हमारे शास्त्रों में पुत्र प्राप्ति के कुछ प्राचीन उपाय बताएं गए हैं। केवल पुत्र प्राप्ति के लिए ही नहीं बल्कि यह उपाय सबसे श्रेष्ठ संतान प्राप्ति के लिए भी हैं। अगर आप चाहते हैं की आपका पुत्र शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो तो गरुड़ पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय जरुर करें।

केवल पुत्र प्राप्ति के लिए प्राचीन उपाय : गुणवान होगा संतान - गरुड़ पुराण
केवल पुत्र प्राप्ति के लिए प्राचीन उपाय : गुणवान होगा संतान – गरुड़ पुराण

भगवान शिव की आराधना से भी संतान प्राप्ति का मार्ग खुल सकता हैं। सावन के महीने में भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा सच्चे मन से करने पर व्यक्ति की हर इच्छा पूर्ण होती हैं। अगर मन में किसी प्रकार का छल, कपट या गलत भाव न हो तो ईश्वर भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं। इसलिए आइए आपको शिव पुराण और गरुड़ पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के कुछ उपाय बताते हैं।

पुत्र प्राप्ति के 2 प्राचीन उपाय

हर कोई चाहता हैं की उसके घर में एक पुत्र और एक पुत्री हो। भाई बहन का प्रेम सबसे शुद्ध होता हैं। ईश्वर की कृपा से आपकी इच्छा अवश्य सफल हो सकती हैं। गरुड़ पुराण में स्त्री और पुरुष के मिलन का सही समय ही बताया गया हैं। अगर सही समय पर दो शरीरों का मिलन हो तो जो संतान जन्म लेती हैं वह दैवीय गुणों वाला होता हैं। उसके जीवन में कष्ट अन्य लोगों की तुलना में न के बराबर होता हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, स्त्री और पुरुष को कभी भी पीरियड्स में सबंध नहीं बनाना चाहिए। दरसल माना जाता हैं की पीरियड्स का आना श्राप की वजह से होता हैं। यह श्राप देवों द्वारा महिलाओं को मिला था।

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गरुड़ पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय

गुणवान, बुद्धिमान और दैवीय गुणों वाले पुत्र प्राप्ति हेतु महिला को यह हमेशा ध्यान में रखना चाहिए की पीरियड्स के 5 दिन बाद स्नान अनिवार्य हैं। अगर आप सबसे उत्तम संतान की इच्छा रखते हैं तो सम्बन्ध पीरियड्स के दौरान कभी न बनाएं। शास्त्रों के अनुसार, सम्बन्ध बनाने का सही समय पीरियड समाप्ति के 7 दिन बाद का हैं। यह भी ध्यान रखें की पीरियड्स में पूजा कार्यों में उपयोग में आने वाली किसी वास्तु को छूने से बचना हैं। अगर पुरुष और स्त्री पवित्रता और शुद्धता बनाएं रखते हुए संबंध बनाएं तो निश्चित ही सबसे श्रेष्ठ संतान का जन्म होता हैं।

गरुड़ पुराण के अनुसार, केवल पुत्र प्राप्ति के लिए स्त्री और पुरुष को सम दिनों में ही मिलन करना चाहिए। अगर आप पुत्री की इच्छा रखते हैं तो विषम दिन आपके लिए बेस्ट हैं। गरुण पुराण कहता हैं की पीरियड खत्म होने के 7,9,11,13,15,17 दिन बाद का समय पुत्री की प्राप्ति हेतु सबसे अच्छा हैं वही पुत्र के लिए 8,10,12,14,16,18वे दिन का समय बेस्ट हैं।

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शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय

शिव पुराण में भी संतान पाने के उपाय बताएं गए हैं। भगवान भोलेनाथ को पुत्र प्राप्ति या संतान प्राप्ति के लिए प्रसन्न करने के लिए सावन का महिना और सोमवार का दिन बहुत ही शुभ माना जाता हैं। आपके घर में भी एक नन्हा सा प्यार सा बच्चा आएगा जो आपकी सुनी गोद को खुशियों से भर देगा।

दोस्तों, शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के लिए सावन का महिना सबसे अच्छा माना जाता हैं। सावन के महीने में हर सोमवार को पूजा करने अवश्य जाएं। दूध में शक्कर को मिलाकर भगवान शिव पर अर्पित करें। माना जाता हैं की ऐसा सभी सोमवार करने से उत्तम संतान की प्राप्ति होती हैं।

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केवल पुत्र प्राप्ति के लिए मंत्र

केवल पुत्र प्राप्ति के लिए मंत्र
केवल पुत्र प्राप्ति के लिए मंत्र

अगर आपको संतान सुख में समस्याएं आ रही हैं तो गोपाल संतान प्राप्ति मंत्र को हर रोज बोलना चाहिए। पूजा करते वक्त हर दिन पुत्र प्राप्ति के लिए गोपाल मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र को 108 बार बोल्रते हुए भगवान श्री कृष्ण को की मूर्ति पर मोर पंख और बांसुरी चढ़ाएं। पूजा प्रारम्भ करने से पहले कृष्ण जी के कपड़े जरुर बदलें। पूजा के प्रसाद हेतु फल का ही उपयोग करें।

ॐ देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते! १०८ बार गोपाल संतान प्राप्ति मंत्र
देहिमे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः!!

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निष्कर्ष

दोस्तों, इस पोस्ट में मैंने आपको शास्त्रों और कुछ मान्यताओं के आधार पर केवल पुत्र प्राप्ति के लिए कुछ प्राचीन उपाय बताएं हैं। शिव पुराण और गरुड़ पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के यह उपाय काफी प्रचलित हैं। अगर आप भी घर में एक छोटा सा नन्हा सा मेहमान चाहते हैं तो ऊपर बताएं गए सभी नियमों का पालन अवश्य करें। केवल पुत्र प्राप्ति के लिए मंत्र का उच्चारण भी बेहद लाभदायी माना जाता हैं। भगवान शिव और विष्णु की कृपा से आपके घर में एक नए मेहमान का आगमन अवश्य होगा।

मुझे आशा हैं की आपको आज की यह पोस्ट ” केवल पुत्र प्राप्ति के लिए मंत्र और केवल पुत्र प्राप्ति के लिए प्राचीन उपाय ” की जानकारी अच्छी लगी होगी। इस जानकारी को सोशल मीडिया पर अवश्य शेयर करें।

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