नवजात शिशु के न रोने का कारण – हो सकती हैं बड़ी समस्या

Spread the love

नवजात शिशु के न रोने का कारण : हैलो दोस्तो स्वागत है आपका इस ब्लॉग पर जहां हम आपको हर बार नई जानकारियां प्रदान करते है। एक नवजात बच्चे का जन्म घर में कितनी खुशियां और चहल पहल लेकर आता है। लेकीन उसके माता-पिता के लिऐ यह बहुत चेलेंजिग भी होता है। 

नवजात शिशु के न रोने का कारण
नवजात शिशु के न रोने का कारण

कई बार माता पिता को नवजात शिशु के न रोने का कारण भी परेशान करता है। क्योंकि एक बच्चे के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त करने का सही तरीका रोना ही होता है। जब शिशु को भूख लगती है तो रोने लगता है। लेकीन कई बार शिशु कोई हरकत नहीं करता और रोता भी नहीं जिसके कारण माता पिता को चिंता होने लगती है। 

तो चलिए जानते है नवजात शिशु के न रोने का कारण क्या हो सकता है:

जन्म के वक्त ना रोना ( नवजात शिशु के न रोने का कारण )

हमने कितनी बार यह सुना है की जन्म के वक्त बच्चे का रोना कितना ज़रूरी होता है। लेकिन  कई बार बच्चा जन्म लेने के ठिक बाद रोता नहीं है। जिससे माता पिता को टेंशन होने लगती है। लेकीन यह कतई जरुरी नहीं है की नवजत जन्म लेने के तुरंत बाद खुद से रोए। कई बार डॉक्टर को भी उसे रुलाना पड़ता है। अकसर बच्चे जन्म के तुरंत बाद इसलिए रोते है क्योंकि उन्हें दर्द का आभास होता है। लेकिन जिन बच्चों का जन्म ऑपरेशन से होता। है उनमें यह बात कम देखी जाती है कई बार बच्चे ज्यादा शांत रहने वाले भी होते है। जिसके कारण वह जन्म के वक्त रोते नहीं है। लेकिन हर बच्चे के न रोने का कारण शांत रहना ही हो यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। यह किसी प्रोब्लम का संकेत भी तो हो सकता है। 

Also, Read 2 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें । Sundarta

नवजात बच्चे के ना रोने का कारण क्या है ( नवजात शिशु के न रोने का कारण )

कई बार बच्चे के फेफड़ों में संक्रमण भी हो जाता है जिसके कारण उन्हें  रोने पर तकलीफ का एहसास होता है। इसलिए अगर जन्म के कुछ दिन बाद भी बच्चा अचानक से रोना बंद कर दे डॉक्टर से सलाह जरुर ले। 

जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तो वह तरल पदार्थ वाले एक पैकेट में होता है। मां के गर्भ में बच्चे को सांस लेने की जरूरत नहीं होती है जिसके कारण उसके फेफड़े बंद होते है और वह तरल पदार्थ बच्चे के फेफड़ों में चला जाता है। बच्चे को उसी पैकेट में पोषण मिलता है। वही तरल पदार्थ जो मां के गर्भ में उसकी रक्षा करता है, जन्म लेने के बाद बच्चे की मौत का कारण बन जाता है। क्योंकि गर्भ में यह तरल पदार्थ बच्चे के फेफड़ों में जाकर एकत्रित हो जाता है। इसलिए बच्चे को जन्म के बाद उल्टा किया जाता है और उसे रुलाया जाता है ताकि नवजात के फेफड़ों में भरा तरल पदार्थ बहार आ सके। 

बच्चे के ना रोने का एक और कारण यह भी हो सकता है की बच्चे के जन्म के बाद उसके दिमाग तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती जिसके कारण उसकी मौत हो सकती है इसलिए बच्चे को डॉक्टर हमेशा थपथपाते है। ताकि बच्चा रोए और उसके दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंच सके। बच्चे के दिमाग तक ऑक्सीजन न पहुंच पाने की इस स्तिथि को एशफिक्सिया कहा जाता है। यह बीमारी बच्चे के जन्म के ठीक बाद होती है। नवजात शिशु के दिमाग में ऑक्सीजन ना पहुंचने के कारण उसके शरीर में एसिड का स्तर बढ़ने लगता है। 

Also, Read नये बाल उगाने का तरीका – देखते ही देखते बाल आने होंगे शुरू

एस्फिक्सिया होने के कारण

  • डिलिवरी 9 महीने से पहले होना। 
  • जन्म के वक्त बच्चे को इन्फेक्शन होने के कारण। 
  • किसी वजह से गर्भनाल का जन्म से पहले ही अलग हो जाना। 
  • गर्भवस्था के दौरान उच्च रक्तचाप होना। 
  • नवजात को शिशु के शरीर में रक्त की कमी होना। 
  • यह जुड़वा बच्चों के होने पर भी होती है।
  • जन्म के दौरान बच्चे का सही स्थिति में ना होना। 

यह भी पढ़े गुनगुने पानी में फिटकरी पीने के फायदे और नुकसान

एसफिक्सिया से बचाव के उपाय

  • ऑपरेशन का विकल्प चुना जा सकता है। 
  • जन्म से पूर्व गर्भवती महिला को ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा सकती है। 
  • यदि बच्चे की स्तिथि ठीक नहीं होती है तो उसे वेंटिलेट सपोर्ट पर रखा जा सकता है। 

दोस्तो नवजात शिशु के न रोने का कारण तो आपने जान लिया, लेकिन साथ यह भी जान लेते है की नवजात के लिए रोना जरूरी क्यों है। 

जब बच्चा जन्म लेता है तो उसके फेफड़े सक्रिय अवस्था में नहीं होते है। बल्की उसके फेफड़े एक तरल पदार्थ से भरे होते है। बच्चे के सांस लेने के लिए फेफड़ों का सक्रिय होना जरूरी होता है जिसके लिए फेफड़ों से तरल पदार्थ को बाहर निकाला जाता है। जिसके बाद बच्चा इस दुनिया में अपनी पहली सांस लेता है और फेफड़ों सहित उसके पूरी बॉडी में ऑक्सीजन जाती है।

दोस्तो हमने आज आपको  नवजात शिशु के न रोने का कारण के बारे में बताया। हम यह आशा करते है की आपको जानकारी पसंद आई होगी। इस ब्लॉग पर आने के लिए आपका धन्यवाद। 

Also, Read प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में दर्द क्यों होता है

FAQ

Q. बच्चा नहीं रोए तो क्या यह गंभीर हो सकता है?

Ans: बिलकुल यह किसी परेशानी का संकेत हो सकता है। बच्चे के जन्म के बाद उसे सांस लेने के लिए उसे रुलाया जाता है। 

Q. एक नवजात शिशु  शिशु को कितने वक्त तक रोना चाहिए?

Ans: जन्म के एक दो दिन बाद नवजात को लगभग दो से तीन घंटे के लिए रोना सही माना जाता है। 

Also, Read चिकन पॉक्स में दूध पीना चाहिए या नहीं

2 thoughts on “नवजात शिशु के न रोने का कारण – हो सकती हैं बड़ी समस्या”

Leave a Comment