बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय

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बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय अगर आप जानना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आयें हैं। बवासीर एक ऐसी बीमारी या समस्या जिससे भारत में लगभग 5 करोड़ लोग पीड़ित हैं। हाल के आकड़ों के अनुसार बवासीर के सबसे ज्यादा मरीज बड़े शहरों में हैं। मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों के लोग इस बीमारी से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। पहले ये माना जाता था की बवासीर सिर्फ उम्रदराज लोगों को ही प्रभावित करती हैं लेकिन वास्तव में सच इसके ठीक विपरीत हैं। अक्सर युवा इस बीमारी को छुपाने का प्रयास करते हैं।

बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय
बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय

यह बीमारी ज्यादातर 25 वर्ष की आयु पार करने के बाद ही होती हैं। हालाँकि यह सच हैं की जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी वैसे ही इस बीमारी का खतरा ज्यादा हो जाता हैं। यह बेहद दर्द देने वाला रोग हैं जिसके कारण पीड़ित हमेशा तनाव में रहता हैं। तो आज की इस पोस्ट में मैं आपको बवासीर के लक्षण, बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय, बवासीर जड़ से खत्म कैसे होता है आदि सवालों के जवाब डिटेल में बताने जा रही हूँ इसलिए इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़ें।

बवासीर क्यों होता है! बवासीर के लक्षण

दोस्तों चलिए मैं आपको बताता हूँ की बवासीर क्यों होता हैं और इसके लक्षण क्या-क्या हैं:

बवासीर सबसे दर्दनाक रोगों में से एक हैं। इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं। माना जाता हैं की यह बीमारी लम्बे समय तक पेट की समस्या के कारण उत्पन्न होती हैं। जब व्यक्ति लम्बे समय तक कब्ज से पीड़ित रहता हैं तो इस बीमारी के होने के चांसेस बहुत ज्यादा होती हैं। जब मरीज मल त्याग हेतु बाथरूम में जाता हैं तो मल त्याग करने के दौरान बहुत ज्यादा जलन, दर्द होता हैं। इसके अलावे कई लोगों को खुनी बवासीर की भी शिकायत रहती हैं।

खुनी बवासीर में व्यक्ति को मल त्याग करने के दौरान गुदा में दर्द के साथ खून आता हैं। जी हाँ बवासीर दो तरह के होते हैं एक जिसमें गुदा के बहर मस्से होते हैं और दुसरे गुदे के अंदर। गुदे के अंदर वाला बवासीर में मल त्याग के वक़्त खून आता हैं और दर्द भी ज्यादा रहता हैं। तो इस पोस्ट में हम आपको बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय बताएँगे जो सभी प्रकार के बवासीर को जड़ से नष्ट कर देगा।

बवासीर होने के मुख्य कारण

दोस्तों बवासीर जिसे हेमोरॉयड्स के नाम से भी जाना जाता हैं इसके प्रमुख कारण नीचे डिटेल में बताएं गए हैं। इसे अच्छी तरह पढ़ें ताकि अन्य लोगों को भी आप इसके प्रति जागरूक कर पायें।

  1. ज्यादातर केस में देखा गया हैं की जिन्हें लम्बे समय से कब्ज की समस्या हैं उन्हें बवासीर होने का खतरा ज्यादा होता हैं। अगर आपको कब्ज हैं तो हो सकता हैं की आपको बवासीर हो जाएँ। दरसल जिन्हें कब्ज होती हैं उन्हें मल त्याग करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं। जिससे गुदा द्वार के छिलने का डर बना रहता हैं।
  2. यह रोग अनुवांशिक तौर पे यानी आपके माता पिता के द्वारा भी आप तक पहुँच सकता हैं। इसके अलावे यह बीमारी गर्भावस्था के दौरान, क्रोनिक डायरिया आदि के कारण भी हो सकता हैं।

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बवासीर के प्रकार

बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय जानने से पहले हम इसके प्रकार के बारें में जान लेते हैं ताकि आपको इलाज में परेशानी न हो। दोस्तों बवासीर मुख्यतः दो प्रकार के ही होते हैं :

1. खुनी बवासीर

इस टाइप के बवासीर से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या सबसे ज्यादा होती हैं। इस तरह के बवासीर के कारण मुख्यतः कब्ज और अनुवांशिक दोष होते हैं। खुनी बवासीर में व्यक्ति का शरीर धीरे-धीरे बेहद कमजोर हो जाता हैं इसका कारण हैं मल त्याग के वक़्त अत्याधीक खून का निकलना। कई लोगों को तो मल त्याग के वक़्त 100 ग्राम से ज्यादा खून निकलते हैं ऎसी स्थिति में जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए।

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2. बादी बवासीर

यह बवासीर का सबसे आम प्रकार हैं इस बवासीर में रक्त तो नहीं निकलता हैं लेकिन मल त्याग करते वक़्त अत्यंत पीड़ा का अनुभव होता हैं। यह गैस और कब्ज के कारण होने वाली बीमारी हैं। यह बवासीर गुदे के बाहरी भाग को ही प्रभावित करता हैं।

दोस्तों कई लोग इस बीमारी से लम्बे समय से जूझ रहे हैं। सही जानकारी के अभाव में वे इस बीमारी का इलाज नहीं करवा पाते हैं। अक्सर ही बवासीर रोगी इन्टरनेट पे बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय ढूंढते रहते हैं। आज की इस आर्टिकल में मैं आपको बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज बताऊंगा जो बवासीर की गारंटी की दवा हैं। तो चलिए देर न करते हुए आपको बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय बताता हूँ।

बवासीर के कीड़े कैसे होते हैं

लोग अक्सर ही इस भ्रम में रहते हैं की बवासीर कीड़े के कारण होती हैं लेकिन यह बिलकुल भी सच नहीं हैं दरसल बवासीर का कारण कीड़े नहीं बल्कि गुदा द्वार में स्थित नसों के सुजन हैं। बवासीर में आंतरिक और बाहरी गुदा प्रभावित हो सकता हैं।

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बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं

कई लोग ये सवाल करते हैं की बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं। तो आपको बता दे की आप बवासीर में ब्राउन राइस का सेवन कर सकते हैं। भूरे रंग के चावल साबुत अनाज होते हैं जिसमें सफ़ेद चावल की अपेक्षा दोगुने पोषक तत्व होते हैं। ब्राउन राइस में सफ़ेद चावल की अपेक्षा विटामिन B6, मैगनीज, आयरन, फाइबर, नियासिन, फॉस्फोरस आदि दुगुने होते हैं। दरसल जब चावल को आकर्षक दिखने के लिए ब्राउन राइस के उपरी परत को हटा दिया जाया हैं तो उसे सफ़ेद चावल कहते हैं। उपरी परत में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं जो इस क्रिया के कारण नष्ट हो जाते हैं। चावल में भरपूर मात्रा में फाइबर के मौजूद होने के कारण बवासीर रोगियों के लिए यह फायदेमंद माना जाता हैं।

बवासीर में दूध पीना चाहिए या नहीं

कई लोगों को दूध पीना बहुत पसंद होता हैं। ऐसे में बवासीर रोगीयों का यह सवाल होता हैं की बवासीर में दूध पीना चाहिए या नहीं। बवासीर के दौरान कई डॉक्टर्स दूध से मना करते हैं दरसल दूध से कब्ज होने की सम्भावना रहती हैं। लेकिन अगर आपको कब्ज की समस्या नहीं हैं तो डॉक्टर्स आपको दूध पीने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन ध्यान रहें की जब भी दूध का सेवन करें तो उबालकर ही करें। बीना डॉक्टर की सलाह के दूध का सेवन न करें।

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कोलगेट से बवासीर का इलाज

कई बवासीर रोगी यह भी सर्च करते हैं की क्या कोलगेट से बवासीर का इलाज संभव हैं। तो चलिए मैं आपको बताता हूँ। दरसल कोलगेट से बवासीर का इलाज पूरी तरह संभव नहीं हैं। लेकिन हाँ इससे रोकथाम की गुंजाईश हैं। दरसल कोलगेट से बने नुस्खें आपको बवासीर में दर्द और खुजली से तुरंत निजात दिला सकता हैं लेकिन बवासीर जड़ से खत्म नहीं हो सकता हैं।

कोलगेट से बवासीर का इलाज के लिए नुस्खा बनाने का तरीका

सबसे पहले एक आपको सफेद वाला कोलगेट लेना हैं। आप मार्किट से खरीद ले। अब आपको पिसा हुआ कपूर, 1 चम्मच कोलगेट को अच्छी तरह मिलाना हैं। अब इस पेस्ट को प्रभावित जगह पे लगाना हैं इसके इस्तेमाल से कुछ ही समय में दर्द छूमंतर हो जाता हैं।

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बवासीर क्या खाने से ठीक होगा?

अब आपका सवाल आता हैं की बवासीर क्या खाने से ठीक होगा?। तो दोस्तों आपको बता दूँ की अपने खानपान पर नियंत्रण कर और उचित दवा का सेवन कर इस रोग को ठीक कर सकते हैं। बवासीर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए ताकि मॉल त्याग में परेशानी न हो। इसके अलावे साबुत अनाज का ही सेवन करें। ऐसे अनाज का सेवन करें जिसमें फाइबर ज्यादा हो। दरसल फाइबर युक्त खाद्द पदार्थ मल को नर्म करता हैं जिससे मल त्याग करने में कोई कठिनाई नहीं होती। इसके अलावे आप हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, छाछ, हर्बल चाय आदि ले सकते हैं।

बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय

मैंने आपको बवासीर के लक्षण, बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं, बवासीर में दूध पीना चाहिए या नहीं, खूनी बवासीर के नुकसान, कोलगेट से बवासीर का इलाज, बवासीर क्यों होता है, बवासीर में तुरंत आराम के लिए क्या करें आदि सवालों के जवाब ऊपर दिए हैं चलिए अब बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय बताते हैं। दोस्तों बवासीर का इलाज बीना सर्जरी के संभव हैं अगर आप अपनी जीवनशैली, खान पान में बदलाव लायेंगे और कुछ नुस्खें का प्रयोग करेंगे तो निश्चित ही इस रोग से छुटकारा प् सकते हैं। इसलिए ध्यान रखें की नुस्खों के प्रयोग के वक़्त मसालेदार खाने, जंक फ़ूड, मिर्च, आदि से आपको परहेज करना हैं। और रोज कम से कम आपको 10 ग्लास पानी जरुर पीना हैं।

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एलोवेरा

बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय में एलोवेरा बहुत प्रभावकारी माना जाता हैं। एलोवेरा गुदा के नसों के सुजन को कम करती हैं यहीं नहीं इसके प्रयोग से आपकी जलन भी दूर हो जाती हैं। यह बादी बवासीर और खुनी बवासीर दोनों के लिए समान रूप से लाभदायक हैं। एलोवेरा आपके बवासीर को जड़ से नष्ट कर सकती हैं लेकिन ध्यान रहें की आपको अपने खान पान पे नियंत्रण रखना हैं। बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय में आप एलोवेरा का उपयोग 2 तरीके से कर सकते हैं।

1. एलोवेरा जेल को प्रभावित जगह पे लगायें इससे सुजन कम होगी और जलन समाप्त हो जाएगी।

2. रोज ताजे एलोवेरा जेल को खाने से कब्ज की समस्या खत्म हो जाती हैं जिससे मल त्याग में परेशानी नहीं होती हैं।

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सेब का सिरका

कषाय गुणों के चलते यह रक्तवाहिनी को सिकोड़ देता हैं। खुनी बवासीर और बादी बवासीर में इसका प्रयोग अलग-अलग विधि द्वारा किया जाता है। अगर आपको खुनी बवासीर हैं तो 1 चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी में मिलाकर रोजाना कम से कम 2 बार सेवन करें। अगर आप बादी बवासीर से पीड़ित हैं तो सेब के सिरके को रुई की सहायता से प्रभावित स्थान में रखें। इसके अलावे आप बवासीर के मस्से हटाने की होम्योपैथीक क्रीम का भी उपयोग कर सकते हैं।

तेल के प्रयोग से

जैतून के तेल, और बादाम के तेल का प्रयोग भी ब्वासित के इलाज के लिए किया जाता हैं। नसों के सुजन को ये कम करके बवासीर रोग को जड़ से खत्म करने में सहायता करता हैं। इसके लिए आपको रोज मस्सों पे तेल का प्रयोग करना चाहिए।

तो दोस्तों मैंने आपको आज की इस खास आर्टिकल में बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने का उपाय, बवासीर के लक्षण, कारण आदि की जानकारी डिटेल में दी हैं। यह जानकारी अगर आपको पसंद आई हो इसे शेयर जरुर करें।

नोट: यह एक सामान्य जानकारी हैं बवासीर की स्थिति और उपचार के लिए चिकित्सक की सहायता आवश्यक हैं।

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