बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए – बेलपत्र के चमत्कारी उपाय

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बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए – बेलपत्र के चमत्कारी उपाय – बेल के पत्ते बेहद पवित्र माने जाते हैं। हिन्दू धर्म में इस पत्ते को शिवलिंग पर चढ़ाया जाता हैं। अक्सर भक्तगण बेलपत्र से जुड़े कई सवाल करते हैं। बेलपत्र के पेड़ में कई देवी देवताओं का वास माना जाता हैं। दरसल इस पेड़ के पत्र में मां शक्ति, लक्ष्मी और जड़ में शिव जी का वास हैं। बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से माता प्रसन्न होती हैं। बेलपत्र के पेड़ के नीचे रोज दीपक जलाने से व्यक्ति के भाग्य जागृत हो जाते हैं।

बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए - बेलपत्र के चमत्कारी उपाय
बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए – बेलपत्र के चमत्कारी उपाय

व्यक्ति के जीवन से अंधकार रूपी बुरी शक्तियां दूर होती हैं। धन – धान्य से जुड़ी समस्याएं नष्ट होती हैं। व्यक्ति का मस्तिष्क उचित दिशा में कार्य करती हैं। बेलपत्र के पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थापित कर दीपक जलाने से व्यक्ति बीमारियों से दूर रहता हैं। बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए इसकी जानकारी विस्तार से नीचे पढ़ें।

अत: बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक अवश्य प्रज्वलित करें। यह न सिर्फ आपके बल्कि आपके परिवार के कष्टों को भी हर लेगा। बेलपत्र के पेड़ को लगाकर दिए जलाते रहने से नकारात्मक शक्तियां आपके घर से कोसों दूर रहती हैं। इस पेड़ को आप अपने घर के आस पास कही भी लगा सकते हैं। रोज दीपक जलाकर जड़ों में जल देने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण होती हैं। परन्तु बेलपत्र पेड़ के नीचे दीपक जलाने से पहले यह जान लेना आवश्यक हैं की दीपक कब और कैसे लगाना चाहिए।

बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए

आर्थिक और मानसिक समस्याओं से गुजर रहे व्यक्ति को बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक शाम के वक्त जलाना शुभ हैं। इससे माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती हैं। ऐसे आप सुबह के वक्त भी दीपक को इस पेड़ के जड़ों के नजदीक प्रज्वलित कर सकते हैं। अगर आपको ऐसी अनुभूति होती हैं आप बुरी शक्तियों के प्रभाव में हैं तो शाम के वक्त दीपक को जलाकर भगवान शिव के मन्त्र को 101 बार जाप करें। पीपल के वृक्ष की जड़ों या किसी छोटे पत्थर को भी उठाकर शिव जी के रूप की कल्पना करते हुए इसपे जल चढ़ाना और दीपक दिखाना व्यक्ति के जीवन से समस्त संकटों को दूर करता हैं।

बेलपत्र पर शहद लगाने से क्या होता है?

कई लोग बेलपत्र पर शहद लगाकर शिवलिंग पर चढाते हैं। इसे में अन्य लोगों के मन में यह प्रश्न उठता हैं की बेलपत्र पर शहद लगाने से क्या होता है?। दोस्तों, शहद महाकाल के सबसे प्रिय चीजों में से एक हैं। प्रत्येक सोमवार के दिन बेलपत्र में थोड़ा सा शहद लगाकर शिवलिंग पर चढाने से व्यक्ति के जीवन में चल रही समस्याएं और कठिनाइयों का अंत होता हैं। अगर आप किसी जरुरी कार्य के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं तो बेलपत्र पर शहद लगाकर जरुर चढ़ाएं। इससे आपका कार्य जल्दी-से जल्दी पूरा होगा। अटके हुए कार्य भी पुरे होने की पूरी संभावना हैं।

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बेलपत्र का पेड़ घर में लगाना चाहिए या नहीं

दोस्तों, बेलपत्र का पेड़ आप कही भी लगा सकते हैं। इसमें माताओं के सभी रूपों का निवास माना जाता हैं। हालांकि इसका पेड़ साइज़ में काफी बड़ा होता हैं इसलिए इसे घर के आसपास लगाना ज्यादा अच्छा रहेगा। दरवाजे के आसपास इस पेड़ को लगाने से बुरी शक्तियां घर में प्रवेश करने का साहस नहीं करती हैं। कुंडली दोष दूर होते हैं। इसका पेड़ घर में लगाकर दीपक जलाने और पूजा करने से व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होता हैं। जिस घर में बेलपत्र का पेड़ होता हैं उस घर में लोग जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं।

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बेलपत्र किस दिन नहीं तोड़ना चाहिए

बेलपत्र किस दिन नहीं तोड़ना चाहिए
बेलपत्र किस दिन नहीं तोड़ना चाहिए

दोस्तों, बेलपत्र को सोमवार को तोडना मना हैं। यह शिव जी का प्रिय हैं। शिव जी पर बेल के पत्तों को सोमवार के दिन चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता हैं। कुछ लोग सोमवार के दिन ही बेलपत्र को तोड़कर शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार के दिन तोड़ा गया बेलपत्र शिव जी को चढाने से कोई लाभ नहीं होता हैं। बेलपत्र को शिवलिंग पर चढाने से 1 या 2 दिन पहले तोड़कर रख सकते हैं। यह पत्र कभी भी बासी नहीं होता हैं। सोमवार के अलावे अमावस्या और चतुर्दशी को भी पंडित जी बेलपत्र न तोड़ने की सलाह देते हैं। माना जाता हैं की इन दिनों बेलपत्र को तोड़ना शिव जी को क्रोधित करने के समान हैं।

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शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए

शिवलिंग की पूजा बेलपत्र, शहद और जल के माध्यम से की जाती हैं। ज्योतिष शास्त्र में बेलपत्र को चढाने के कुछ नियम बताएं गए हैं। ध्यान रहे की बेलपत्र को दिन में ही तोड़कर रखें। डाल से अलग-अलग पत्ते कर कभी नहीं तोड़ना चाहिए। तोड़ते वक्त यह सुनिश्चित करें की 3 पत्ते एक साथ हो। पंडित जी कहते हैं की महाकाल को प्रसन्न करना हैं तो एक बार में 3 पत्तियों वाला 11 बेलपत्रों को चढ़ाना चाहिए। अगर आपके पास ज्यादा बेलपत्र नहीं हैं तो 3 बेलपत्र भी चढ़ा सकते हैं। बेलपत्र चढाते वक्त शिव मन्त्र का जाप आवश्यक हैं। बेलपत्र हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही चढ़ाना चाहिए।

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निष्कर्ष – बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए

इस पोस्ट में मैंने आपको बताया हैं की बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए और बेलपत्र किस दिन नहीं तोड़ना चाहिए। मुझे उम्मीद हैं की आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। यह जानकारी शास्त्रों और मान्यताओं पर आधारित हैं। बेलपत्र को सोमवार के दिन शिवलिंग पर चढ़ाकर पूजा संपन्न होने पश्चात उसमें से 3 पत्तियों वाला पत्र उठाकर घर में रखने से बुरी शक्तियों का नाश होता हैं। बेलपत्रों को चढाते हुए शिव जी के मंत्र ॐ नम: शिवाय का जाप कम से कम 11 बार करना चाहिए। ऐसा करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।

मुझे आशा हैं की आपको आज की पोस्ट ” बेलपत्र किस दिन नहीं तोड़ना चाहिए और बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए ” की यह जानकारी पसंद आयी होगी। इस जानकारी को भोले के सभी भक्तों तक अवश्य पहुंचाएं। नीचे आपको शेयर का बटन मिलेगा जहाँ से आप इस पोस्ट को कही भी शेयर कर सकते हैं।

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