राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय

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सनातन धर्म में राहू केतु और शनि को ग्रह माना जाता हैं। इन ग्रहों के प्रभाव से व्यक्ति का जीवन पीड़ादायक हो सकता हैं। ऐसे में अक्सर लोग राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय ढूंढते रहते हैं। अगर आप इन ग्रहों को प्रसन्न करने हेतु उपाय ढूंढ रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आये हैं। दोस्तों इन तीनों ग्रहों में शनि का प्रभाव सबसे ज्यादा कष्ट देने वाला माना जाता हैं। हालाँकि शनि देव न्याय प्रिय देव हैं जो अकारण किसी पे अपनी कुदृष्टि नहीं डालते हैं। लेकिन आज के समय में कौन ऐसा व्यक्ति हैं जो असत्य नहीं बोलता या गलत नहीं करता हैं। ऐसे में आज आपको मैं राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के कुछ खास उपाय बताने जा रही हूँ इसलिए इस पोस्ट को अंत तक ध्यान से जरुर पढ़ें।

राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय
राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय

परिचय – राहु-केतु और शनि

शनि देव

शनि देव को कई अन्य नामों से भी जाना जाता हैं जिनमें कर्मफल दाता, कृष्ण, शनैश्चर, रौद्रान्तक आदि काफी प्रसिद्ध हैं। शनि देव दुष्टों पर अपनी कुद्रष्टि डालकर उसके जीवन को प्रभावित करते हैं। इनके माता पिता का नाम क्रमश: छाया और सूर्य देव हैं। तथा इनकी बहन यमुना और भद्रा हैं। इनके भाई का नाम काल अर्थात यम हैं जिन्हें यमराज भी कहा जाता हैं। यमराज को मृत्यु का देवता भी कहा जाता हैं। महाभारत काल में जन्में कर्ण भी शनि के भाई ही हैं। सूर्य देव के आशीर्वाद से ही कर्ण का जन्म हुआ था।

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राहू और केतु

वास्तव में राहू केतु एक ही हैं। परन्तु सिर और धर अलग होने की वजह से इसे राहू और केतु नाम दिया गया हैं। दरसल जब भगवान विष्णु स्त्री रूप लेकर देवताओं को अमृत पान करवा रहे थे तब राहू ने छल से अमृत पान कर लिया था। दरसल राहू ने देवताओं का रूप लेकर यह कार्य किया था। उसके बाद भगवन श्री हरी विष्णु ने सुदर्शन चक्र से शीश काट दिया। जिसके बाद शीश वाले भाग को राहू और धर वाले भाग को केतु कहा जाने लगा। स्कन्द पुराण के अनुसार राहू और केतु का जन्म उज्जैन में हुआ था।

शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु को राहू के छल का सच सूर्य देव और चंद्र देव ने बताया था। और इसी कारण राहू केतु सूर्य और चन्द्र को अपना दुश्मन मानते हैं। बताया जाता हैं की इसी कारण राहू केतु हमेशा सूर्य देव और चन्द्र देव पर ग्रहण करने की चेष्ठा करता रहता हैं।

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इन ग्रहों का अशुभ प्रभाव

शनि देव अपने पिता सूर्य देव के शत्रु के रूप में भी जाने जाते हैं। जन्म लेते हैं उन्होंने सूर्य देव को अपने ग्रहण का शिकार बनाया था। अक्सर शनि देव के बारें में कुछ मिथ प्रचलित हैं जैसे शनि देव दुःख देने वाले ग्रह हैं। लेकिन यह पूरा सच नहीं हैं। शनि देव को कर्मफल दाता कहा जाता हैं। वे आपके कर्मों के अनुसार से आपको दण्डित करते हैं। अकारण वह किसी को परेशान नहीं करते हैं। इसलिए जहाँ तक हो सके अपने कर्मों को शुद्ध करना चाहिए। इन अशुभ प्रभावों से राहत पाने के लिए राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करना बेहद जरुरी हैं।

शनि के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को धन, पद प्रतिष्ठा, कर्ज, किसी काम में अचानक रुकावट जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। वही राहू और केतु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को जुएँ की लत, धन की हानि, यात्रा में रुकावट, त्वचा सम्बन्धी रोग आदि हो सकते हैं। राहू और केतु के प्रभाव से व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति नष्ट हो जाती हैं। राहू ग्रह के प्रभाव से आपका मन विचलित रहता हैं साथ ही छाल कपट, शराब और नशे जैसी आदतें आपको अपना शिकार बना लेती हैं।

ज्योतिष शास्त्रों में वर्णन के अनुसार इन ग्रहों से उत्पन्न होने वाले परिणामों को कुछ हद तक रोका जा सकता हैं। आइयें जानते हैं राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय जिससे आपका जीवन फिर से सुखमय हो सकता हैं। इन उपायों के करने से नकारत्मक उर्जा स्वत: ही आपसे दुरी बना लेती हैं। राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय नीचे विस्तार पूर्वक बताएं गए हैं इन उपायों को जरुर करें।

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राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय

अगर आपकी कुंडली में इन ग्रहों की अशुभ स्थिति हैं और आप जीवन के सबसे बुरे दौड़ का सामना कर रहे हैं तो इस उपाय से आपको राहत मिलेगी। प्रतिदिन खाने से पहले या पहली रोटी गाय को देने के बाद कुत्ता और पक्षी को भी रोटी खिलाएं। इसके अलावे पक्षी को दाना देना भी बेहद शुभ माना जाता हैं। ऐसा करने से तीनों ग्रह प्रसन्न होते हैं। दरसल गाय में सभी देवी देवताओं का वास माना जाता हैं और यही कारण हैं की देवताओं की कुदृष्टि से आप बचे रहते हैं। आपको बता दे की काल भैरव की सवारी काले रंग के कुत्ते को माना जाता हैं। इसी कारण कुत्ते को रोटी देना हिन्दू धर्म में बहुत शुभ माना जाता हैं।

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निष्कर्ष

इस आर्टिकल में मैंने आपको राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय बताएं हैं। इन उपायों से आप अपने ग्रह की स्थिति सुधार सकते हैं। साथ ही शनि और राहू केतु के बारें में भी विस्तार से बताया हैं। राहु-केतु और शनि के प्रभाव से जीवन अस्त व्यस्त हो जाता हैं। इन उपायों को करने से आपके जीवन के हर कष्ट दूर हो जायेंगे। लेकिन ध्यान रहें की इन उपायों के साथ अपने कर्म को सही रखें। शनि देव आपको आपके बुरे कर्मों की सजा अवश्य देते हैं।

मुझे उमीद हैं की आपको राहु-केतु और शनि को प्रसन्न करने के खास उपाय बहुत पसंद आएं होंगे। इसी तरह की महत्वपूर्ण जानकारियों को पढने के लिए हमशे जुड़े रहे हैं।

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