शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण – 5 लक्षण जो खोलता हैं राज

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शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण – 5 लक्षण जो खोलता हैं राज – प्रेगनेंसी के दौरान आने वाले नन्हे से मेहमान के बारें में सभी जानने को उत्सुक रहते हैं। परिवार का हर एक सदस्य छोटे से मेहमान का बेसब्री से इन्तेजार करता हैं। एक मां 9 महीने तक बच्चे को गर्भ में रखकर और कई तरह की समस्यायों का सामना कर बच्चे को जन्म देती हैं। जब डिलीवरी का समय नजदीक आता हैं माता-पिता अक्सर यह चर्चा करते हैं की बच्चा लड़का होगा या लड़की। पेरेंट्स सिर्फ उत्सुकता वस यह जानने की कोशिश करते हैं। कुछ शास्त्रों द्वारा लड़का होने के कुछ विशेष लक्षण बताएं गए हैं। आइए जानते हैं की गर्भ में बेबी बॉय होने पर क्या लक्षण दिख सकते हैं।

शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण - 5 लक्षण जो खोलता हैं राज
शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण – 5 लक्षण जो खोलता हैं राज

अक्सर देखा जाता हैं की माता-पिता में इस बात को लेकर बेट लगता हैं की मेरा बच्चा लड़की हैं या लड़का। इसी कारण पेरेंट्स यह जानने की कोशिश करते हैं। शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण बताएं गए हैं। हालाँकि यह जरुरी नहीं हैं की यह 100% सही हो। नीचे बताएं गए लक्षणों के आधार पर आप सिर्फ अंदाजा लगा सकते हैं की गर्भ में लड़का हैं लड़की। साथ ही पोस्ट जानें किस दिन पति-पत्नी को एक दूसरे से दूर रहना चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण

दोस्तों जब अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीक का इजाद नहीं हुआ था तब से ही कुछ लक्षणों के द्वारा यह पता किया जाता हैं की गर्भ में पल रहा बेबी बॉय हैं नहीं। गर्भ में लड़का होने पर आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं। नीचे बताएं गए लक्षण कई शास्त्रों और मान्यताओं पर आधारित हैं।

1. स्त्री के चलने से पता करें

अगर आप प्रेग्नेंट हैं और उठते वक्त हमेशा अपना दायाँ पैर आगे बढाती हैं तो यह माना जाता हैं की आपके पेट में उपस्थित बच्चा लड़का हैं। ठीक इसके उलट बायाँ पैर पहले बढ़ाने वाली स्त्री के पेट के अंदर लड़की होने के चांस ज्यादा होते हैं। अगर प्रेगनेंसी में महिला का दायाँ पैर हर वक्त सबसे पहले जमीन को छूता हैं तो यह शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण बताएं जाते हैं।

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2. गर्भ कम हलचल का होना

माना जाता हैं की लड़के थोड़े आलसी होते हैं। जब गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का होता हैं तो वह बेहद कम हिलता डुलता हैं। अगर आपको भी गर्भ में हलचल कम महसूस होता हैं तो यह लड़का होने के लक्षण हैं। दरसल लडकियाँ बहुत चंचल स्वाभाव की होती हैं। गर्भ में पैर ज्यादा चलाती हैं। इसलिए गर्भ में ज्यादा हलचल का होना लड़की होने के संकेत माने जाते हैं। इसके अलावे अगर पेट में दाहिनी ओर बच्चे का कोई अंग ज्यादा दिखाई दे तो माना जाता हैं की यह भी लड़का होने के लक्षण हैं।

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3. पेट का ज्यादा उभरा हुआ प्रतीत होना

प्रेगनेंसी के 6 महीने बाद अगर पेट बाहर की तरफ ज्यादा हैं साथ ही यह अगर गोल दिखाई देता हैं तो यह संकेत माना जाता हैं की बच्चा बेबी बॉय हो सकता हैं। अगर 6ठे महीने में आपका भी पेट साफ़-साफ़ बाहर की तरफ नीचे झुका दीखता हैं तो यह शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण में से एक हैं।

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4. प्रेग्नेंट महिला के शरीर में अनचाहे बालों का उगना

अगर किसी महिला के फेस या पैरों और हाथों में बालों का ग्रोथ तेज हो जाएँ तो यह दर्शाता हैं की गर्भ में लड़का हैं। अगर महिला को मुछ दाढ़ी वाली जगह पर बाल उगने लगे तो माना जाता हैं की यह गर्भ में पल रहे लड़के के होने के कारण हो रहा हैं। दरसल कहा जाता हैं की यह टेस्टीरोन होर्मोन की अधिकता के कारण होता हैं जिसका संबंध बेबी बॉय से हैं।

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5. अन्य लक्ष्ण

शास्त्रों के अनुसार, जिन महिलाओं का दायाँ अंग बाएं की तुलना अधिक उपयोग में आता हैं उन्हें लड़के की होने के चांसेज होते हैं। वही दायें अंग में लगातार बदलाव का होना भी शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण माने जाते हैं। जैसे अगर किसी प्रेग्नेंट महिला का दायाँ स्तन बाएं की अप्केशा ज्यादा बड़ा हो जाता हैं तो इस स्थिति में लड़के के होने के संकेत के तौर पर देखा जाता हैं।

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शास्त्रों के अनुसार जानें किस दिन पति-पत्नी को एक दूसरे से दूर रहना चाहिए

शास्त्रों के अनुसार, कुछ विशेष दिनों में पति-पत्नी को एक दूसरे से दूर रहने की सलाह दी जाती हैं। शास्त्रों में कहा गया हैं की जो लोग रविवार, पूर्णिमा, अमावस्या, नवरात्रि, छठ पूजा आदि में संबंध बनाने से पूजा की पवित्रता नष्ट हो जाती हैं। अमावस्या और पूर्णिमा को काली और नकारात्मक शक्तियां चरम पर होती हैं जो व्यक्ति के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं। गरुड़ पुराण में बताया गया हैं की पीरियड में भी पति-पत्नी को एक दुसरे से दूर रहना चाहिए। दरसल देवताओं द्वारा स्त्रियों को श्राप दियें जाने की वजह से यह सलाह दिया जाता हैं।

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शास्त्रों के अनुसार पुत्र प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए

शास्त्रों के अनुसार पुत्र प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए
शास्त्रों के अनुसार पुत्र प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए

गरुड़ पुराण में पुत्र प्राप्ति के लिए कुछ विशेष उपाय बताएं गए हैं। शास्त्र कहते हैं की अगर स्त्री अगर गर्भधान करने की कोशिश वैसे दिन करें जो 2 से विभाजित हो जाते हैं तो इससे लड़का होने के चांस बढ़ जाता हैं। एक्साम्प्ल पीरियड के 10 दिन बाद, 12 दिन बाद आदि। विषम दिन में लड़की होने के चांस ज्यादा होते हैं।

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निष्कर्ष

दोस्तों इस पोस्ट में मैंने आपको बताया हैं की शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण क्या-क्या हैं। इस पोस्ट का मकसद सिर्फ उत्सुकता वस जानने की बच्चे के बारें में पता करना हैं। लड़का और लड़की में कोई भेद नहीं हैं। आज के समय में दोनों से पेरेंट्स का नाम ऊँचा कर रहे हैं। शास्त्रों में लड़का होने के कुछ लक्षण बताएं गए हैं जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की आपका बेबी लड़का हैं या नहीं।

मुझे आशा हैं की आपको शास्त्रों के अनुसार गर्भ में लड़का होने के लक्षण – 5 लक्षण जो खोलता हैं राज की यह पोस्ट आपको बेहद पसंद आयी होगी।इस जानकारी को आप हर प्रेग्नेंट लेडी तक शेयर कर सकते हैं।

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