गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ – गूलर के पेड़ का टोटका

Spread the love

गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ – गूलर के पेड़ का टोटका – विश्व के प्रत्येक धर्म में वृक्षों को जीवनदायी माना गया हैं। हिन्दू धर्म में पेड़ पौधों की पूजा अधिक की जाती हैं। सनातन धर्म में गुलर के पौधे को दैवीय पेड़ कहा गया हैं। जिस तरह बरगद, पीपल आदि वृक्षों की पूजा करना लाभकारी माना गया हैं उसी तरह गुलर के पेड़ की पूजा भी अत्यंत लाभ देने वाला बताया गया हैं। इस पेड़ का संबंध शुक्र ग्रह से हैं। तुला राशि के जातकों के लिए यह पेड़ खास हैं। इस पेड़ की पूजा से कुंडली दोषों को निवारण होता हैं।

गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ
गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ

शास्त्रों के अनुसार, इस पेड़ की पूजा से कुंडली में शुक्र को शुभ स्थिति में लाया जा सकता हैं। जब कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति में होता हैं तो व्यक्ति का जीवन सुखमय हो जाता हैं। आइये विस्तार से जानते हैं की गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ साथ ही जानेंगे की गूलर के पेड़ का टोटका कैसे काम करता हैं।

दोस्तों, गूलर का पेड़ विशालकाय होता हैं। गुलर के फल का साइज़ बड़े आंवला के समान होता हैं। यह शुरुवात में हरे रंग का होता हैं । पकने के बाद इसका रंग लाल हो जाता हैं। कच्चे गुलर की शब्जियाँ भी बनायीं जाती हैं जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं। वही इसके पके फल को पक्षी भी खाते हैं। गूलर का फूल इसके फल के अंदर होता हैं। माना जाता हैं की गूलर का फूल का संबंध स्वर्ग हैं। कहते हैं की इस पेड़ के फुल पृथ्वी पर नहीं गिरते हैं। लेकिन सच तो यह हैं की इसके फुल इसके फल के अंदर होते हैं।

गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ

गुलर का पेड़ बेहद पूजनीय और शुभ फल देने वाला माना जाता हैं। इसके फल, पत्तियां और जड़ का उपयोग कई तरह के औषधि बनाने में किया जाता हैं। गुलर के पेड़ की पूजा करने से शुक्र मजबूत स्थिति में आता हैं जिससे व्यक्ति के जीवन से परेशानियाँ दूर होती हैं। गूलर के पेड़ का टोटका हर तरह के भौतिक सुख देने वाला हैं। इस पेड़ की प्रतिदिन पूजा करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण होती हैं।

अगर आपका कोई महत्वपूर्ण काम अटका हुआ हैं तो इस पेड़ की जड़ में शुक्रवार के दिन जल देने और इसके जड़ को माला के रूप में गले में धारण करने से रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं। वही शुक्ल पक्ष में शुक्रवार को इस पेड़ को घर के बाहर लगाकर प्रतिदिन जल अर्पित करने व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में सुधार होता हैं। कहते हैं जैसे-जैसे पेड़ में वृद्धि होती हैं वैसे-वैसे घर की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती हैं।

ज्योतिष शास्त्र कहता हैं की गूलर का पेड़ को कभी भी घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए। अगर आप इस पेड़ की पूजा करना चाहते हैं तो इसे अपने आँगन के बजाय घर के बाहर लगायें। शास्त्र कहते हैं की घर के दरवाजे के बिल्कुल सामने भी इस पेड़ को नहीं लगाना चाहिए। इस पेड़ को घर में या दरवाजे के सामने लगाने से राहू का बुरा प्रभाव घर पर पड़ता हैं।

Also, Read सांप की केंचुली का मिलना शुभ या अशुभ

गूलर के पेड़ का टोटका

गूलर के पेड़ का टोटका
गूलर के पेड़ का टोटका

शुक्र ग्रह की स्थिति कमजोर होने पर गूलर के पेड़ का टोटका बेहद प्रभावकारी हैं। इसके उपाय या टोटके से व्यक्ति को जीवन में हर तरह का सुख मिलता हैं। जो व्यक्ति प्रत्येक शुक्रवार के दिन इसके पेड़ में जल डालते हैं उन्हें पैसों की कभी कमी नहीं होती हैं। जड़ से बने ताबीज को कोई भी धारण कर सकता हैं। इस पेड़ से बने ताबीज को बेहद चमत्कारी माना जाता हैं। माना जाता हैं की इसके ताबीज को गर्दन में पहनने से बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं और व्यक्ति बुरी नजर से बचा रहता हैं। गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ यह तो आप समझ ही गए होंगे।

Also, Read घर में ज्यादा छिपकली का होना शुभ या अशुभ / शुक्रवार को छिपकली गिरने से क्या होता है

महत्वपूर्ण बातें

  • गुलर के पेड़ की जड़ से बनायीं गयी ताबीज को धारण करने से प्रेम विबाह में आ रही अर्चन दूर होती हैं।
  • इसके ताबीज को धारण करने से व्यापार, जॉब आदि में अपार सफलता मिलती हैं।
  • इसकी ताबीज को गले में धारण करने से रोग और बुरी शक्तियां नजदीक नहीं आती हैं।
  • सप्ताह में एक बार शुक्रवार के दिन इस पेड़ की जड़ों में जल देने से धन-संपदा में वृद्धि होती हैं।

Also, Read पति को पत्नी का कौन सा अंग नहीं छूना चाहिए / स्त्रियों के किस अंग को छूना शुभ माना जाता है

गूलर का पेड़ काटने से क्या होता है

गुलर का पेड़ को काटना अशुभ माना जाता हैं। कहते हैं की इस पेड़ को काटने से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता हैं। अगर में गुलर का पेड़ जम गया हैं तो इसे शुक्रवार के दिन खुरपी की सहायता से निकालकर घर के बाहर बगीचे में लगा दे। इस पेड़ को सूखने के पश्चात ही काटा जाना चाहिए।

Also, Read बिलनी का घर बनाना शुभ या अशुभ / घर में बिलनी लगाने से क्या होता है

गूलर का फूल कितने बजे खुलता है

आपको बता दे की गुलर का फुल फल के अंदर होता हैं। यह कभी नहीं खिलता हैं। अत: इसे देखा नहीं जा सकता हैं। हालाँकि पुरानों के अनुसार इसका फुल रात के समय खिलता हैं जिसके बाद यह सीधे स्वर्ग में चला जाता हैं।

निष्कर्ष

गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ – गूलर के पेड़ का टोटका आदि की जानकारी इस विशेष पोस्ट के द्वारा बतायी गयी हैं। इस पेड़ की पूजा करना अत्यंत शुभ और फलदायी हैं। जो कुंडली शुक्र के कमजोर होने पर ज्योतिष इस पेड़ की मदद से शुक्र को मजबूत करने का सुझाव देते हैं। ध्यान रहे की अगर आप इसका ताबीज पहनना चाहते हैं तो सबसे पहले इसके जड़ को गंगा जल से शुद्ध कर लेना चाहिए। उसके बाद आप इस जड़ को चांदी से बने ताबीज में रखकर गले में पहने।

मुझे आशा हैं की आपको गूलर का पेड़ शुभ है या अशुभ – गूलर के पेड़ का टोटका आदि से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपके मन में कोई अन्य प्रश्न हैं तो कमेंट के माध्यम से जरुर पूछें।

Also, Read पूजा करते समय घंटी का टूटना / पूजा करते समय जमाई आना शुभ या अशुभ