कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है – 22 जड़ी-बूटी इसके काम जान हैरान हो जाएंगे

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कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है – 22 जड़ी-बूटी – आज की इस पोस्ट में मैं आपको 22 ऐसी जड़ीबूटियों के बारें में बताने जा रही हूँ जिसका उपयोग लम्बे समय से कई तरह के रोगों के उपचार में किया जाता रहा हैं। इन आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की खास बात यह हैं की इसके इस्तेमाल से किसी तरह के नुकसान नहीं होते हैं। हालाँकि जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह बेहद आवश्यक हैं। इस पोस्ट में 22 जड़ी बूटियों की जानकारी देने जा रही हूँ। कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है इसकी सम्पूर्ण जानकारी विस्तार से नीचे दी गयी हैं।

कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है
कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है

अंग्रेजी दवाओं की अपेक्षा आयुर्वेदिक जड़ीबूटियां ज्यादा कारगर मानी जाती हैं। हालाँकि बीमारी को जड़ से ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन लम्बे समय तक करना पड़ सकता हैं। परन्तु सही तरीके से जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से बीमारी जड़ से नष्ट हो जाती हैं। नीचे आपको विस्तारपूर्वक कुछ ऐसी जड़ी बूटियों की जानकारी दी गयी हैं जो कई तरह की शारीरिक समस्यायों को दूर कर शरीर को स्वस्थ रखने का कार्य करती हैं। नीचे विस्तार से जाने की कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है :-

जड़ी बूटी नाम लिस्ट इन हिंदी – कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है

अश्वगंधा

अश्वगंधा को सबसे ताकतवर जड़ी बूटी भी कहा जाता हैं। एंटी-पायरेटिक, एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण और डीप्यूरेटिव गुण से भरपूर अश्वगंधा क्रमश: बुखार, शरीर में सुजन और शरीर से गंदगी निकालकर आपको स्वस्थ रखने का कार्य करता हैं। इसका इस्तेमाल थकान, चिंता, टीबी रोग, खांसी, आर्थराइटिस, शारीरिक दुर्बलता आदि की समस्या में भी किया जाता हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक शुक्राणु बढ़ाने के लिए भी इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। इसके अलावे यह ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में सहायक हैं। अश्वगंधा मेलेनिन के उत्पादन को बढ़ाने में सहयोग करता हैं। इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण से युक्त अश्वगंधा कई तरीके से सफ़ेद दाग में लाभदायक हैं। इसलिए इसे सफेद दाग की जड़ी बूटी भी कहते हैं।

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दालचीनी

दालचीनी

शब्जियों में दाल चीनी का उपयोग अधिक किया जाता हैं। क्या आप जानते हैं की दाल चीनी में पॉलीफेनॉल्स होता हैं। एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटी वायरल गुणों से भरपूर दालचीनी अनेक तरह के रोगों से शरीर की रक्षा करता हैं। दालचीनी का उपयोग सर्दी, खांसी, बुखार, डायबिटीज, फंगल इन्फेक्शन, कैंसर आदि में बेहद लाभदायक हैं। इसके सेवन से हार्ट भी स्वस्थ रहता हैं।

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कपूर

कपूर का इस्तेमाल कई तरह के खाद्य व्यंजनों के अलावे पूजा में ज्यादा उपयोग किया जाता हैं। कपूर का उपयोग फेफड़े के सुजन, खांसी, जॉइंट पेन की समस्या में अधिक किया जाता हैं। जॉइंट पेन को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक कपूर को ग्लूकोसामाइन सल्फेट और चोंड्रोइटिन सल्फेट में मिश्रित कर दवा का निर्माण करते हैं।

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सब्जा

दोस्तों सब्जा के बीज एक ऐसी जड़ी बूटी हैं जो अपच की समस्या में बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। इसका इस्तेमाल पाचन तन्त्र को मजबूत करने में किया जाता हैं। इसका सेवन पेट की गर्मी को शांत करता हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन और कई तरह के विटामिन होते हैं। फाइबर से भरपूर सब्जा पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता हैं। इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल त्वचा के सेल्स की मरम्मत करने, वजन घटाने और सर्दी खांसी जैसी आम समस्यायों में अधिक उपयोग किया जाता हैं।

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हल्दी

एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट जैसे अनेक गुणों से युक्त हल्दी शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी हैं। इसका उपयोग बैक्टीरियल इन्फेक्शन, सर्दी खांसी, स्किन से जुड़ी समस्यायों जैसे पिम्पल्स, सुजन, बैक्टीरियल संक्रमण, आदि में किया जाता हैं। यह एंटीसेप्टिक की तरह कार्य करता हैं। दूध के साथ इसका सेवन, शरीर की गंदगी को निकालने में भी मदद करता हैं। साइनसाइटिस, दांत का सड़ने की समस्या का समाधान में भी इसका उपयोग किया जा सकता हैं।

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मोहिनी जड़ी बूटी

मोहिनी जड़ी बूटी के बारें में बेहद कम लोग ही जानते हैं। इसका इस्तेमाल चिकित्सक कम ही करते हैं। यह बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल प्राचीन समय से मानसिक क्षमता को बढ़ाने में किया जाता रहा हैं। इसके अलावे इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल तांत्रिक लोग ज्यादा करते हैं।

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पुदीना

पुदीना में टी-वायरल, एंटी-माइक्रोबियल, एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट के साथ अन्य कई गुण मौजूद होते हैं। इसके सेवन से एसिडिटी, डिहाइड्रेशन जैसी समस्या में लाभ मिलता हैं। इसका इस्तेमाल पाचन तन्त्र को बेहतर बनाने में किया जाता हैं। इसके अलावे सीने में जकड़न और स्किन और पेट की जलन को दूर करने में भी इसका उपयोग होता हैं। इसका सेवन भूख की कमी को दूर कर सकता हैं।

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शतावरी

शतावरी पुरुष और महिलाओं दोनों के लिए ही बेहद फायदेमंद हैं। शतावरी से बने कई टॉनिक बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। शतावरी का इस्तेमाल चिंता, अवसाद, एसिडिटी, अल्सर की समस्या आदि में किया जाता हैं। इसके इस्तेमाल से प्रजनन क्षमता में बढ़ोतरी होती हैं। शतावरी चूर्ण का उपयोग वजन बढ़ाने में भी किया जाता हैं। ब्रेस्ट बढ़ाने की जड़ी बूटी में भी शतावरी का नाम सबसे पहले आता हैं। इसमें फाइटोएस्ट्रोजेन होता हैं। यह वसा ऊतक से निर्मित ब्रेस्ट को तेजी से बढाता हैं। बाजार में शतावरी से से बने कई टेबलेट और सिरप आसानी से उपलब्ध हैं।

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शिलाजीत

यह नामर्दी की दवा जड़ी बूटी के नाम से भी प्रसिद्ध हैं। यह सेक्सुअल डिजायर को बढाता हैं। शिलाजीत आयरन की कमी को दूर कर एनीमिया की समस्या में राहत देता हैं। शुक्राणु बढ़ाने के लिए यह भी बेस्ट जड़ी बूटी हैं। यह शुक्राणुओं की क्वालिटी और क्वांटिटी को बढ़ाने में मददगार हैं। यह एक प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन बूस्टर जड़ी बूटी हैं जिसका इस्तेमाल पुरुषों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इसके अलावे इसमें एंटीएजिंग गुण भी हैं जो आपको लम्बे समय तक जवान बनायें रखता हैं। एंटीबैक्टीरियल गुण होने के कारण आंत के संक्रमण में भी यह काम आता हैं।

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जिनसेंग

पुरुष सबंधी समस्यायों में जिनसेंग बेहद उपयोगी हैं। इसका इस्तेमाल स्वप्नदोष की जड़ी बूटी के रूप में भी किया जाता हैं। यह धातु रोग की जड़ी बूटी अन्य कई गुप्त रोगों के इलाज में इस्तेमाल में आता हैं। इसके अलावे शरीर के सुजन, डायबिटीज, बढ़ते वजन, कैंसर आदि के इलाज में प्रभावी माना जाता हैं। इसका इस्तेमाल टेस्टोस्टेरॉन के सीक्रेशन को बढ़ाने और शुक्राणु की क्वांटिटी को इनक्रीज करने में भी किया जाता हैं।

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जिंबू

यह एक चमत्कारी जड़ी बूटी हैं। जिम्बू जडीबुटी का इस्तेमाल सर्दी जुकाम, स्किन इन्फेक्शन, अनियमित पीरियड, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, डायबिटीज जैसी समस्यायों में अधिक किया जाता हैं। इसकी सुगंध प्याज की तरह होता हैं जिसका इस्तेमाल शब्जी में भी किया जाता हैं।

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धमासा जड़ी बूटी

इस जडीबुटी के बारें में बेहद कम लोग ही जानते होंगे। इसे अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता हैं। पंजाब में इसे धमाह, दक्षिण भारत में इसे तुल्नागरी और चीट्टीगरा के नाम से जाना जाता हैं। इस औषधि का उपयोग सर दर्द, मुंह में इन्फेक्शन, खांसी, कुष्ट रोग, मधुमेह, पेशाब होने में दिक्कत और खुजली जैसी समस्या में किया जाता हैं। धमासा शुगर की जड़ी बूटी हैं। इस जड़ी बूटी से शुगर को कण्ट्रोल किया जा सकता हैं।

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लक्ष्मी जड़ी बूटी

इस जड़ी बूटी को लक्ष्मी तरु बूटी के नाम से भी जाना जाता हैं। माना जाता हैं की इसके पत्ते का सेवन कैंसर जैसी बीमारी में लाभप्रद हैं। हालाँकि इसपर अभी पर्याप्त शोध नहीं हुए हैं। अधिक जानकारी मिलने पर यहाँ अपडेट कर दी जाएगी।

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जवासा जड़ी बूटी

जवासा जड़ी बूटी को यावसा के नाम से भी जाना जाता हैं। इसकी खूबियों की बात करें तो इसमें एंटीइन्फ्लामेंट्री गुण के साथ-साथ एंटीमाइक्रोबियल गुण भी हैं। इसका इस्तेमाल खांसी, मल को ढीला करने, पेशाब से सम्बन्धित समस्यायों और दस्त में किया जाता हैं। इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सीय सलाह आवश्यक हैं।

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इंद्रजाल जड़ी बूटी

यह संतान प्राप्ति के लिए जड़ी बूटी मानी जाती हैं। हालाँकि इसके पर्याप्त वैज्ञानिक साबुत नहीं हैं। इंद्रजाल जड़ी बूटी को समुद्री इंद्रजाल भी कहते हैं। इसका उपयोग सुजन, श्वास सबंधी समस्या, त्वचा संक्रमण, पेट सम्बन्धी विकार आदि में किया जाता हैं।

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सपिस्तान जड़ी बूटी

सपिस्तान जड़ी बूटी का इस्तेमाल मुख्यत: फ्लू, सर्दी, खांसी आदि की समस्या में अधिक किया जाता हैं। यूनानी चिकित्सा में इस जड़ी बूटी का उपयोग अधिक किया जाता हैं। इसके अलावे श्वास सबंधी समस्या में भी यह कारगर माना जाता हैं। एंटीमाइक्रोबियल और एंटी इन्फ्लामेट्री गुणों से समृद्ध सपिस्तान जड़ी बूटी फ्लू और दर्द से निजात दिलाने में भी उपयोग किया जाता हैं।

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सुरंजन जड़ी बूटी

इस जड़ी बूटी का उपयोग कब्ज, गैस, घाव और गठिया के इलाज में किया जाता हैं। इसके अलावे इसे पेन किलर के रूप में भी इस्तेमाल में लाया जाता हैं।

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गांगडी जड़ी बूटी

गांगडी जड़ी बूटी दर्द की समस्या में बेहद प्रभावकारी मानी जाती हैं। इसका इस्तेमाल जॉइंट पेन, हाथ-पैर के दर्द, बदन में अकडन जैसी समस्या में किया जाता हैं। यह सिर दर्द का जड़ी बूटी हैं जो दर्द में राहत देता हैं।

भृंगराज

यह एक बेहतरीन बाल उगाने की जड़ी बूटी हैं। प्राचीन समय से ही इसका इस्तेमाल बालों की समस्या से निजात पाने के लिए किया जाता रहा हैं। इसका इस्तेमाल सर में ब्लड सर्कुलेशन को बढाता हैं। बालों के झड़ने की समस्या से राहत के लिए भृंगराज पाउडर को तेल में मिलाकर मसाज किया जाता हैं।

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नीम

नीम
नीम

नीम का उपयोग लीवर, पेट और त्वचा सम्बन्धी समस्यायों में किया जाता हैं। इसकी पत्तियों का पेस्ट घाव को तुरंत भर देता हैं। इसके अलावे इसका इस्तेमाल मलेरिया और बालों से जुड़ी प्रोब्लेम्स में किया जाता हैं। इसका उपयोग कुत्ता काटने की दवा जड़ी बूटी के तौर पर भी लोग करते हैं। यह घाव को जल्द भरने में मदद करता हैं।

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ब्राह्मी

यह सबसे बेस्ट पित्त नाशक जड़ी बूटी हैं जिसका इस्तेमाल शरीर की गर्मी को कम करने में किया जाता हैं। यह चयापचय क्रिया को बेहतर करने में मदद करती हैं। इसका उपयोग मानसिक क्षमता को बढ़ाने और ध्यान केन्द्रित करने में बाधा उत्पन्न करने वाली चीजों को दूर करने में किया जाता हैं।

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एलोवेरा

नीम
नीम

एलोवेरा का इस्तेमाल कई रोगों के उपचार में किया जाता हैं। यह स्किन को टाइट करने, स्किन इन्फेक्शन को रोकने आदि में बेहद कारगर हैं। इसका उपयोग, बवासीर, कब्ज, सुजन, मोटापा, डायबिटीज, घाव आदि की समस्या में अधिक किया जाता हैं। इसके जूस के सेवन से पाचन क्रिया तेज होती हैं। यह बवासीर की बेस्ट जड़ी बूटी हैं। एक शोध के अनुसार इसका इस्तेमाल खुजली, बवासीर में रक्तस्त्राव आदि को रोकने में मदद करता हैं।

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निष्कर्ष – कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है

कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है और जड़ी बूटी नाम लिस्ट इन हिंदी में विस्तार पूर्वक इस पोस्ट के माध्यम से बताएं गए। आयुवेदिक औषधि या जडीबुटी के साइडइफेक्ट्स बेहद कम ही देखें जाते हैं। इसी कारण अंग्रेजी दवाओं की अपेक्षा इसका इस्तेमाल अधिक किया जाता हैं। हालाँकि किसी भी जड़ीबूटी के इस्तेमाल से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह बेहद अनिवार्य हैं।

मुझे उम्मीद हैं की आपको आज की यह पोस्ट जड़ी बूटी नाम लिस्ट इन हिंदी – कौन सी जड़ी-बूटी किस काम आती है , बेहद अच्छी और उपयोगी लगी होगी। ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए आप हमारे ब्लॉग के अन्य पोस्ट को जरुर पढ़ें।

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